फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Borewell accident: Women kept their eyes focused on missing children

बोरवेल हादसा : लापता बच्चों की फिक्र में महिलाओं ने लगाए रखी टकटकी, दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही का विरोध

Mon, 11 Mar 2024 01:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा आशीष सिंह, नई दिल्ली
आशीष सिंह, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 11 Mar 2024 01:52 AM IST
सार

थाने के कई चक्कर लगा लिए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह बोरवेल में किसी के गिरने की सूचना मिली, तो तुरंत सब काम छोड़कर यहां पहुंच गई।’ यह कहते हुए सुखमा के आंखों से आंसू निकलने लगे।

विज्ञापन
Borewell accident: Women kept their eyes focused on missing children
आशंका और उम्मीद के बीच... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

‘मेरा बेटा भरत दो दिन से लापता है। थाने के कई चक्कर लगा लिए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह बोरवेल में किसी के गिरने की सूचना मिली, तो तुरंत सब काम छोड़कर यहां पहुंच गई।’ यह कहते हुए सुखमा के आंखों से आंसू निकलने लगे। उन्होंने कहा कि बोरवेल के पास ही बेटा खेलता था। उन्हें बोरवेल में किसी बच्चे के गिरने की सूचना पड़ोसियों ने दी थी। इसी तरह नरेला से आईं पुष्पा देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। 

विज्ञापन


स्थानीय लोग उन्हें भरोसा दे रहे थे कि सब कुछ ठीक होगा। उन्होंने बताया कि बेटा तीन माह से गायब है। पुष्पा बेटे संजय की फोटो पुलिस अधिकारियों को दिखाकर कह रही थीं कि अगर कोई जानकारी मिले तो जरूर बताएं। उन्होंने बताया कि बेटा यहीं दोस्तों के साथ घूमने आता था। रविवार सुबह दोनों बेटियों ने सूचना दी की कोई बोरवेल में गिर गया है। इसके बाद तुरंत यहां पहुंच गई।
विज्ञापन


लोगों का आरोप खुला छोड़ रखा था बोरवेल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्लांट तो बना दिया गया, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल व लोग काम पर जाते हैं। यहां कई अवैध काम भी होते हैं। पुलिस चौकी पास में होने के बावजूद सब खामोश हैं। ख्याला गांव निवासी रोहित पवार ने बताया कि यहां निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन बोरवेल खुला छोड़ हुआ है। वहीं, विकास पुरी निवासी दीपक मिश्रा ने बताया कि बच्चे इन्हीं रास्तों से आते-जाते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में इस सड़क पर कई जगह निर्माण कार्य हो रहा है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। प्लांट के पास ही हेलमेट बेचने वाले जीत कुमार मोदी ने बताया कि वे 14 वर्ष से यहां रह रहे हैं। जहां युवक गिरा, उस बोरवेल में कभी-कभी पानी भी होता है, लेकिन इसे ढका नहीं गया। अभी यहां एक घटना सामने आई है, अगर ऐसी लापरवाही बरती गई तो आने वाले दिनों में और भी मामले सामने आएंगे।


बैरिकेडिंग से पुलिसकर्मी थे नदारद
घटनास्थल के पास सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई थी, लेकिन पुलिसकर्मी नदारद थे। एक निजी संस्था के कर्मचारी बाहरी लोगों को अंदर जाने से रोक रहे थे। संस्था से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि पुलिस अंदर काम देख रही है और वे बाहर का कार्य कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed