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Delhi: 'केजरीवाल सरकार ने बच्चों के टॉयलेट को क्लासरूम बताया', भाजपा ने 'आप' पर लगाया शिक्षा घोटाले का आरोप
Mon, 29 Aug 2022 11:41 AM IST
विजय पुंडीर
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 29 Aug 2022 11:41 AM IST
सार
दिल्ली में शराब नीति पर मचे घमासान के बीच भाजपा ने दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि दिल्ली में शिक्षा घोटाला हुआ है।
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गौरव भाटिया, भाजपा प्रवक्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली सरकार को कथित भ्रष्टाचार मुद्दे पर घेरने के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की टीम को उतारा है। संबित पात्रा व गौरव भाटिया लगातार दिल्ली सरकार पर हमला कर रहे है। सोमवार को गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी की सरकार को शिक्षा के मुद्दे पर कटघरे में खड़ा किया है।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और आबकारी नीति में घोटालों के बाद शिक्षा में भी बड़े घोटाले को अंजाम सरकार ने दिया है। आबकारी नीति पर जब भी भाजपा प्रश्न पूछती है, तो केजरीवाल कहते है कि विश्व के सबसे बढ़िया शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स में उनका नाम आता है इसलिए राजनीतिक द्वेष से प्रताड़ित किया जाता है।
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सीवीसी की रिपोर्ट का संज्ञान क्यों नहीं लिया : गौरव भाटिया
गौरव भाटिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि दिल्ली के स्कूलों में 2400 कमरों की जरुरत थी, लेकिन इसको बढ़ाकर 7180 कमरें कर दिए गए। कंस्ट्रक्शन राशि को 50 से 90 फीसदी तक बढ़ाया गया। इसके बाद सीवीसी ने एक रिपोर्ट दिल्ली सरकार के सचिव को 17 फरवरी 2020 को भेजी थी। लेकिन 30 महीनों तक उसपर केजरीवाल कारवाई नहीं की। टेंडर से 326 करोड़ रुपये का कोई हिसाब केजरीवाल के पास नहीं है। अगर किसी टेंडर में कोई बदलाव होता है तो वह पब्लिक डोमेन में आता है लेकिन केजरीवाल सरकार ने ऐसा नहीं किया।
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'शिक्षा मॉडल बन गया वसूली मॉडल'
बढ़ी हुई लागत के बाद 6133 क्लासरूम बनने थे, लेकिन सिर्फ 4027 क्लासरुम ही बनाए गए। स्कूलों में 160 शौचालय की जरुरत है लेकिन केजरीवाल सरकार ने बताया कि 1214 शौचालयों की जरुरत है। उन्होंने कहा कि शौचालय को भी स्कूल के कमरों में गिनती करवाकर केजरीवाल ना ही सिर्फ दिल्ली के बच्चों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं बल्कि टैक्स पेयर्स के पैसों को भी लूटने का काम कर रहे हैं। 29 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने की बात करते रहे लेकिन जब जांच हुई तो सिर्फ दो ही दिखाई दी। मतलब बाकी के 27 हार्वेस्टिंग सिस्टम के पैसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। आश्चर्य की बात है कि किसी भी टेंडर को सार्वजनिक तौर पर नहीं निकाला गया। शिक्षा मॉडल अब वसूली मॉडल बन गया है। नियमों को ताख पर रखकर स्कूलों के कमरे बनवाए। इस मौके पर प्रदेश मीडिया रिलेशन विभाग के प्रभारी हरीश खुराना भी मौजूद थे।