{"_id":"203cb8e64039f5c9452896944e3f1d07","slug":"big-fraud-in-voter-list-of-gurgaon-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोटर लिस्ट में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोटर लिस्ट में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 18 Jun 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्वाचन कार्यालय की ओर से गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र के लिए हाल ही में जारी मतदाता सूची में भारी फर्जीवाड़ा पाया गया है। सूची में 3,994 ऐसे मतदाता हैं, जिनके एक से अधिक बार नाम शामिल हैं। कई नाम तो ऐसे हैं जिनके घर का पता एक ही है।
विज्ञापन
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान भी इसी सूची के आधार पर वोट पड़े हैं। इस फर्जीवाड़े को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
इसमें उमेश अग्रवाल ने मांग की है कि विधानसभा चुनावों से पहले इन खामियों को ठीक कराया जाए। साथ ही साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। सूची में जिन 3,994 मतदाताओं की पहचान की गई है उनमें नाम, पिता या पति का नाम व फोटो समान हैं। एक ही ईपीआईसी नंबर के साथ इसके दो या दो से अधिक बार नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
529 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनका नाम, पिता का नाम व ईपीआईसी नंबर समान हैं लेकिन अलग-अलग पते पर उनके नाम दो जगह दर्ज हैं। इन्हीं के साथ 238 वोट ऐसे पाए गए हैं जिनका नाम, पता, फोटो व ईपीआईसी नंबर समान हैं लेकिन वोट दो जगह बने हुए हैं।
एक खामी यह भी पाई गई है जिसमें 334 ईपीआईसी नंबर पर 668 वोट बना दिए गए हैं। जबकि प्रत्येक मतदाता का अलग ईपीआईसी नंबर होना अनिवार्य है।
सुखबीर कटारिया का भी उठा मुद्दा
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी इसी प्रकार का फर्जीवाड़ा किया गया था। गुड़गांव के विधायक सुखबीर कटारिया मात्र 2,140 वोटों से विजयी हुए थे। उसके बाद से लगातार गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र में हुई धांधली को भाजपा ने कई बार उजागर किया है।
इसके बाद भी जिला निर्वाचन कार्यालय ने कोई सबक नहीं लिया है। सुखबीर कटारिया के खिलाफ जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। मगर अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।