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अमर हो गया चाय वाला: मरने के बाद भी दो जिंदगियों को दे गया रोशनी

Thu, 15 Sep 2016 04:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Thu, 15 Sep 2016 04:29 PM IST
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tea vender in noida donated his eyes to two person after death

दादरी क्षेत्र के चिटेहरा गांव निवासी चाय की दुकान चलाने वाले सुशील अग्रवाल मौत के बाद अपनी आंखें दान कर दो जिंदगियों को रोशन कर गए।

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हाईस्कूल तक पढ़े सुशील की अंतिम इच्छा को परिवार वालों ने पूरा करते हुए उनकी दोनों आंखें अस्पताल की टीम को बुलाकर दान कर दीं। दो साल पहले सुशील ने दधीचि देहदान केंद्र में पंजीकरण कराकर मरने के बाद पूरे शरीर को दान कर दिया था।
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डायबिटीज से पीड़ित होने के कारण चिटेहरा गांव निवासी सुशील अग्रवाल (50) का बुधवार सुबह करीब 6:00 बजे निधन हो गया। इसके बाद परिजनों ने दधीचि देहदान केंद्र के कार्यकर्ता मुकेश अग्रवाल को सूचना दी।
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उसने सुबह करीब 8:00 बजे एम्स दिल्ली के डॉक्टरों से संपर्क साधा। तीन घंटे बाद एम्स के दो डॉक्टर सहित पूरी टीम एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंची। 

चाय की दुकान लगाते थे सुशील

tea vender in noida donated his eyes to two person after death

लगभग आधे घंटे के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर सुशील की दोनों आंखों के कार्निया की झिल्ली साथ ले गए। इसके बाद परिजनों ने गढ़मुक्तेश्वर में सुशील का अंतिम संस्कार किया।

सुशील के चार बेटों में सबसे बड़े बेटे मोनू ने बताया कि उनके पिता दादरी कोतवाली के सामने कई वर्षों से चाय की दुकान लगाते थे। दो साल पहले सुबह सर्दी के मौसम में डंडे के सहारे चल रहा एक नेत्रहीन व्यक्ति रोडवेज बस स्टैंड के पास नाले में गिर गया था।

नेत्रहीन होने की वजह से वह नाले से नहीं निकल पाया। सुशील ने उसे नाले से निकाल कर भीगे कपड़े बदलवाए और सर्दी में ठिठुरते व्यक्ति को चाय पिलाने के बाद उसे गंतव्य तक छोड़कर आए।

तभी से उन्होंने मरने के बाद अपने पूरे शरीर का दान करने का फैसला कर लिया था। हालांकि डायबिटीज से पीड़ित होने के कारण उनके शरीर के अन्य अंगों का दान नहीं हो सका।

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