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उम्मीद की मशालः जेलों में बंद महिलाओं को हुनरमंद बना रहे आर.पी सिंह

Mon, 22 Aug 2016 11:27 AM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 22 Aug 2016 11:27 AM IST
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RP Singh training women in jail
आरपी ‌स‌िंह - फोटो : अमर उजाला

परिचय

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नाम -  आर.पी. सिंह
जन्म-  22-11-1972
शिक्षा- एमएससी, एमपी यूनिवर्सिटी से
जिला- फैजाबाद के अयोध्या
शादी-  2006
पेशा- समाजसेवा

अयोध्या में जन्मे आरपी सिंह एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। आज वह एक संस्था के माध्यम से जेलों में बंद महिलाओं को फैशन डिजाइनिंग से लेकर ब्यूटीशियन और अन्य प्रकार के प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। और ये सब वो अपने खर्चे पर करते हैं।

आरपी सिंह ने ग्रेजुएशन अयोध्या से की और वह लखनऊ में विश्व प्राकृतिक निधि में शिक्षा अधिकारी के पद पर थे। वह लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने की कोशिशों में लगे रहते थे।
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वर्ष 1997 से 2001 तक लखनऊ में काम किया और उसके बाद पर्यावरण मंत्रालय में 2002 में प्रोजेक्ट सलाहकार के रूप में दिल्ली में तैनात हो गए। यहां उन्होंने वर्ष 2007 तक काम किया और उसी दौरान एक बार फैजाबाद की जेल में जाना पड़ा। यहां उन्होंने महिला बंदियों की स्थित पर एक चर्चा में हिस्सा लिया, जिसके बाद उनके मन में इनके लिए कुछ करने की अलख जगी।
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आरपी सिंह ने सेडा नाम का एक एनजीओ बनाया और जेलों में जाकर महिला बंदियों को उनकी इच्छा के हिसाब से प्रशिक्षण दिलाना शुरू कर दिया और करीब 230 महिला बंदियों को प्रशिक्षण दिलाया। इनमें से अधिकतर महिलाओं ने अपने घरों पर काम करना शुरू कर दिया, जबकि कुछ को बाहर नौकरी मिली गई।


वर्ष 2015 में उन्होंने गौतमबुद्धनगर जेल में जेल अधीक्षक एमएल यादव से मुलाकात की और वहां की महिला बंदियों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण शुरू कराया। फिर ब्यूटीशियन, टेलरिंग और फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया। यहां इन दिनों 60 महिला बंदी है, जिनमें से ज्यादातर साक्षर हैं। अब सभी प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं।

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