दिल्ली का अकबर रोड बना 'महाराणा प्रताप रोड़', हिंदू सेना ने साइन बोर्ड से की छेड़छाड़
महाराणा प्रताप जयंती पर बुधवार को राजधानी में अज्ञात उपद्रवियों ने अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप रोड करने की कोशिश की। उन्होंने अकबर रोड के साइन बोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड लिखा पोस्टर लगा दिया।
दिल्ली पुलिस ने बोर्ड से पोस्टर हटा दिया। इस मामले में एनडीएमसी ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है। इस हरकत की जिम्मेदारी हिंदू सेना नाम के संगठन ने ली है। उपद्रवियों ने इंडिया गेट सर्कल के पास यह हरकत की।
इससे पहले वर्ष 2016 में भी कुछ उपद्रवियों ने अकबर रोड के बोर्ड पर महाराणा प्रताप के फोटो के साथ महाराणा प्रताप रोड का पोस्टर चिपकाया था। काफी दिनों से कुछ हिंदुत्ववादी ग्रुप इसका नाम महाराणा प्रताप रोड करने की मांग कर रहे हैं।
इस रोड पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, केंद्रीय मंत्री उमा भारती आदि बड़े नेताओं के सरकारी आवास के अलावा कांग्रेस का मुख्यालय भी है।
पहले भी हो चुका है ऐसा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बारे में ट्वीट कर लोगों को जानकारी दी थी। इससे पहले भाजपा सांसद महेश गिरी ने इस बारे में पत्र लिखकर औरंगजेब रोड का नाम बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर करने की मांग की थी।
औरंगजेब रोड से लेकर डलहौजी रोड तक का बदला गया नाम
बता दें कि इससे पहले भी सड़कों के नाम पर बवाल हो चुका है। पूर्व में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग किया गया था।
देश के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी मृत्यु के बाद श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा किया गया था।
एनडीएमसी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति को सम्मान देने के लिए यह कदम उठाया था। वहीं एनडीएमसी ने 2017 में डलहौजी रोड का नाम बदलकर दाराशिकोह रोड कर दिया था। दिलचस्प बात ये है कि दाराशिकोह औरंगजेब का भाई था।
रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था। तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलने की भी बात थी लेकिन हो नहीं सका।
डीपीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज
नई दिल्ली जिले के तिलक मार्ग थाने में इस संबंध में दिल्ली संपत्ति विरूपण अधिनियम (डीपीपी) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जहां महाराणा प्रताप रोड का पोस्टर लगाया गया, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंच सके। एनडीएमसी के असिस्टेंट इंजीनियर जीके मिश्रा ने तिलक मार्ग थाना पुलिस को बुधवार दोपहर को शिकायत दी थी। बुधवार शाम तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था।