मुक्ति के लिए रामदेव ने लिया फेसबुक का सहारा
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राहुल गांधी को लेकर दलितों पर की गई टिप्पणी से विवादों में घिरे बाबा रामदेव ने अब बचाव के लिए सोशल साइट्स का सहारा लिया है।
ऐसा माना जा रहा है कि महिला आयोग और चुनाव आयोग की सख्ती के बाद बाबा रामदेव ने अब इस बवाल से मुक्ति पाने का आखिरी रास्ता अपनाया है।
बाबा रामदेव के बयान के बाद देश के हर हिस्से में राजनीतिक दलों और दलितों ने उनका विरोध किया है।
रामदेव ने छुए दलित महिलाओं के पैर
सोशल साइट फेसबुक पर अपनी पोस्ट में बाबा रामदेव ने खुद को दलित और पिछड़ी जातियों के सबसे बड़े हितैषी के तौर पर पेश किया है।
विवादों में आने के बाद बाबा रामदेव ने अपने फेसबुक की कवर फोटो तक बदल दी। हाल ही में अपडेट की गई पोस्ट में योग गुरु दलित महिलाओं के पैरों में झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिस पर लिखा है ‘दलित, वाल्मीकि महिलाओं की पाद पूजा करते स्वामी’।
बयान से नाराज दलितों को मनाने के लिए बाबा का ने यह ब्रम्हास्त्र छोड़ा है लेकिन इस असर क्या होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
बाबा ने शेयर किया क्लीन चिट का प्रमाण
मंगलवार को बाबा रामदेव ने अपने फेसबुक अकांउट पर लिखा है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल शब्दों की अन्यथा व्याख्या करके दलित समाज को उकसाने की चेष्टा कर रहे हैं।
हालांकि वाल्मीकि और मजदूर संगठन भारत स्वाभिमान के साथ खड़े हैं। इसके अलावा योग गुरु ने फेसबुक-ट्विटर पर दलित संगठनों की ओर से मामले पर क्लीन चिट के प्रमाण पत्र भी साझा किए हैं।