'आप' को ऑटो चालकों की धमकी, नहीं मानी मांग तो मंगलवार से होगी हड़ताल
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ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों ने 26 जुलाई से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। उनकी शिकायत है कि सरकार उबर और ओला जैसी ऐप आधारित कंपनियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है।
हड़ताल का आह्वाहन करने वाली ऑटो टैक्सी यूनियन की संयुक्त समिति ने अपने बयान मे कहा है कि अगर दिल्ली सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती है तो 26 जुलाई से वो हडताल करेंगे।
ऑटो टैक्सी यूनियन की संयुक्त समिति की मांग है कि सरकार उन तमाम कंपनियो को बंद करने की घोषणा करे जो ऐप के जरिए टैक्सी सेवा प्रदान करते हैं। मंगलवार को होने वाली इस हड़ताल मे भारतीय मजदुर संघ सहित ऑल डेल्ही टैक्सी ट्रांसपोटर्स कांग्रेस(एडीटीटीसी) ने शामिल होने का ऐलान किया है।
ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी 25 जुलाई से वो दिल्ली सचिवालय के सामने अनिश्चित कालीन धरना भी करेंगे।
ऐप आधारित सेवाओं से हो रही परेशानी
ऑटो टैक्सी यूनियन की संयुक्त समिति के अनुसार ये हड़ताल सरकार के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें सरकार ने ऐप आधारित कंपनियों के दिल्ली मे संचालन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
भारतीय मजदूर संघ के राजेन्द्र सोनी ने कहा कि ऐप आधारित सेवाओं के कारण दिल्ली में ऑटो और टैक्सी चलाने वालों का भारी मुश्किल का सामना करना पड़ता है और इससे उनके काम पर सीधा असर पड़ता है।
एडीटीटीसी के किशन वर्मा ने बताया कि अगर सरकार ऑटो चालकों के हित में कोई कार्यवाई नहीं करती है तो हमें ही कदम उठाना होगा।
मालूम हो कि किसी राज्य में ऐसा पहली बार हो रहा है कि दो विरोधी दलों से जुड़े संगठन मिलकर हड़ताल बुला रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए ये बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।