VIDEO में देखें विधायक पर हमले का पूरा सच
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पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में हुई एक सनसनीखेज घटना में भाजपा विधायक जीतेंद्र सिंह शंटी पर बुधवार तड़के लगभग 5:30 बजे जानलेवा हमला किया गया। हमलवर ने उनपर कई राउंड गोलियां चलाईं। हमले में शंटी बाल-बाल बच गए।
टीवी रिपोर्ट के अनुसार शाहदरा से भाजपा विधायक शंटी पर बुधवार की अलसुबह उनके घर के बाहर दो अज्ञात हमलावरों ने हमला किया। हमलावर ने उनपर तीन बार फायरिंगर की। हमले से पहले विधायक की उससे हाथापाई भी हुई।
जीतेंद्र सिंह पर किन लोगों ने हमला किया यह अभी पता नहीं चला सका है। हमलावरों की पहचान शंटी भी नहीं कर पाए हैं। हालांकि हमलावर के आने से लेकर भागने तक की सारी घटना विधायक के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
टीवी रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे किसी अज्ञात शख्स ने शंटी के घर की घंटी बजाई। दरवाजा खोलने खुद शंटी बाहर आए तो हेलमेट लगाए हुए एक व्यक्ति ने उन्हें कुछ कागजात अटेस्ट कराने को कहा।
शंटी ने कागजात देखते हुए उस व्यक्ति के बारे में जानना चाहा। इतने पर वह अपनी कमर से तमंचा निकालने की कोशिश करने लगा। शंटी ने उसे रोकने की कोशिश भी की। हाथापाई के बाद हमलावर ने बंदूक निकाल शंटी पर गोलियां दागनी शुरू कर दी।
कागजात अटेस्ट कराने के नाम पर आया हमलावर
शंटी के घर का दरवाजा ऑटोलॉकिंग सिस्टम से युक्त है जो अपने आप ही बंद हो चुका था। हमले के दौरान शंटी ने कई बार घर की घंटी बजाकर मदद के लिए आवाज दी। इस दौरान उन पर फायरिंग होती रही। राहत की बात रही कि शंटी को एक भी गोली नहीं लगी।
जब शंटी से इस बारे में पूछा गया कि हमलावर कौन था और इतनी सुबह वहां क्यों आया था तो उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता कि वह कौन था। लोग अक्सर उनके पास कागजात अटेस्ट कराने के लिए आते रहते हैं। इसलिए उन्हें कोई शक नहीं हुआ।
शंटी ने कहा कि उनकी किसी के साथ दुश्मनी नहीं है इसलिए इस हमले की वजह वो भी नहीं समझ पा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार हमलावर पूरे समय हेलमेट लगाए हुए था। हमलावर की अभी तक कोई खबर नहीं है और पुलिस उन्हें अब तक पकड़ने में नाकाम रही है।
'अपहरण की थी साजिश'
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शंटी के घर पहुंच गए हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस ने शंटी से भी पूछताछ की है।
शंटी के परिवार का कहना है कि शंटी पर इस तरह का हमला 2007 में भी हो चुका है। वह चुनाव का समय था इसलिए उनके परिवार को लगा कि यह विरोधियों की करतूत हो सकती है। उनके परिवार को इस हमले के पीछे शंटी के अपहरण की साजिश का भी शक है।
शंटी राजनीति के साथ सामाजिक कार्यों में भी संलग्न रहे हैं। पूर्वी दिल्ली में वह वृद्घा आश्रम और कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर भी चलात हैं। 2013 से वह भाजपा विधायक हैं। इससे पहले वह शिरोमणी अकाली दल में थे।