भाजपा विधायक पर पूरी प्लानिंग के साथ हुआ हमला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह शंटी पर जानलेवा हमला फुलप्रूफ प्लान के साथ किया गया। घटना को अंजाम देने से पूर्व उनके घर और उसके आसपास की रेकी की गई। बदमाशों को कहां से आना है और वापस कहां से जाना है सब कुछ तय था।
हमले के लिए जानबूझकर सुबह का समय चुना गया। सुबह में जल्दी उठकर विधायक अखबार पढ़ते हैं, उस समय उनकी सुरक्षा में मौजूद पंजाब पुलिस के दोनों कमांडो भी उनके साथ नहीं होते।
पुलिस इसी आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने घर में लगे डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) कब्जे में ले लिया है। रिकॉर्डिंग देखकर पुलिस बदमाशों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजेश तिवारी ने बताया कि कालोनी में पांच गेट लगे हैं, जो रात के समय से तड़के तक बंद रहते हैं। इन पर गार्ड भी तैनात रहते हैं। पैदल आने-जाने वाले कुछ रास्तों पर गार्डों का भी नियंत्रण नहीं रहता है।
बदमाशों ने शंटी के घर आने के लिए उसी रास्ते का चुनाव किया। इसलिए मेन रोड पर चौराहे के पास कार खड़ी की थी। वहीं पास में डेयरी के मालिक चौधरी महावीर ने बताया कि करीब 5.20 बजे सफेद रंग की एचआर नंबर की कार आकर रुकी। हेलमेट लगाए बदमाश उतरा। करीब 5.40 बजे वह वापस आया और कार में बैठकर भाग गया। पुलिस महावीर से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
विधायक जितेंद्र सिंह शंटी पर पहले भी दो बार जानलेवा हमला हो चुका है। हमले के बाद शंटी ने गृहमंत्री, उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त समेत कई अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। परिवार का आरोप है कि किसी ने उनकी नहीं सुनी। पिछले साल बदमाशों ने फोन करके शंटी को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
शंटी के मुताबिक, अकाली दल ने पंजाब पुलिस के कमांडो उपलब्ध करा दिए, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। मार्च 2007 में वे स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निगम पार्षद का चुनाव लड़ रहे थे।
इस दौरान इलाके में अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोली चलाई थी। मामले की विवेक विहार थाने में शिकायत की गई थी। पार्षद का चुनाव जीतने के बाद 2008 में कुछ लोग एमसीडी का तेल चुरा रहे थे। उन्होंने जब रोकने का प्रयास किया तो उन लोगों ने ऑयल टैंकर चढ़ाने का प्रयास किया, तब भी मामले की शिकायत पुलिस से गई थी।
इन सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस
1. इतनी सुबह शंटी ने बिना पहचान किए घर का दरवाजा क्यों खोल दिया।
2. दरवाजा खोलने से पूर्व बदमाश को हेलमेट उतारने के लिए क्यों नहीं कहा।
3. सुबह 5:25 बजे शंटी किसी अंजाम शख्स का कागज बिना पहचान किए ही क्यों सत्यापित करने को तैयार हो गए।
4. बदमाश ने बेहद नजदीक से शंटी पर चार गोलियां चलाईं, लेकिन एक भी नहीं लगी।
5. वारदात के समय शंटी की सुरक्षा में रहने वाले पंजाब पुलिस के कमांडो कहां थे।
6. इतनी सुबह शंटी ने ही घर का दरवाजा क्यों खोला जबकि उनके घर पर कई नौकर रहते हैं।
क्या ये है विधायक पर हमले की वजह?
भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह शंटी अपने ऊपर हुए हमले की वजह बांग्लादेशियों को अपने इलाकेसे हटाना भी बताया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर अवैध कब्जों और गतिविधियों के विरुद्ध शुरू से संघर्ष करते रहे।
बतौर निगम पार्षद भी अवैध कब्जों को हटवाने का काम किया। माफिया पिछले 10 से 15 वर्ष में इतने मजबूत हो गए हैं कि अगर कोई जनप्रतिनिधि उनके खिलाफ अभियान छेड़ता है तो वह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी उन पर हमले हुए हैं। ऐसे में पुलिस को स्वयं उनको सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए थी।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह शंटी पर हुए हमले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से टेलीफोन पर बातचीत कर शंटी को सुरक्षा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शंटी की लोकप्रियता को नापसंद करने वाले तत्व इस हमले के जिम्मेदार हो सकते हैं।
पूर्व कांग्रेसी विधायक डॉ. नरेंद्रनाथ ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की हालत खराब हो गई है। भाजपा के शासनकाल में उन्हीं के विधायक सुरक्षित नहीं हैं। इस विधायक पर 2007 में भी हमला हुआ था, लेकिन आज तक जांच रिपोर्ट नहीं आई। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
पार्क के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को उम्मीद
शंटी के घर वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश ने करीब पचास मीटर दूर पार्क में अपना हेलमेट उतारकर फेंक दिया था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि जहां बदमाश ने हेलमेट उतारकर फेंका था उससे चंद कदम की दूरी पर एक अन्य मकान की पहली मंजिल पर सीसीटीवी कैमरा लगा था।
पुलिस उस कैमरे के आधार पर बदमाश की पहचान करने का प्रयास कर रही है। सूत्रों की माने तो उसी कैमरे में बदमाश की शिनाख्त भी हो सकती है। पुलिस ने मकान मालिक से फुटेज प्राप्त भी कर ली है।