फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Assembly election effect on cangress.

कांग्रेस के लिए खतरा हैं ये चुनाव परिणाम!

Mon, 20 Oct 2014 08:35 AM IST
Updated Mon, 20 Oct 2014 08:35 AM IST
विज्ञापन
Assembly election effect on cangress.

हरियाणा-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणामों से दिल्ली में कांग्रेस के नेता सहम गए हैं। एनसीआर में गुड़गांव व फरीदाबाद की ज्यादातर सीटों पर भाजपा ने बाजी मारी है। इतना ही नहीं राजनीतिक विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि जहां शहरी मतदाता ज्यादा हैं, वहां भाजपा को वोट मिले हैं।

विज्ञापन


ऐसे में दिल्ली के चुनाव में जाने की संभावना ज्यादा बन रही है। यहां तक कहा जा रहा है कि एक सप्ताह में दिल्ली में विधानसभा भंग करने की सिफारिश सामने आ सकती है।
विज्ञापन


वहीं, दिल्ली की आठ सीटों पर जीते कांग्रेस विधायक और नेताओं में भाजपा लहर का डर दिखने लगा है। दिल्ली विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद हरियाणा चुनाव में हार को कांग्रेस प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अभी दिल्ली के चुनाव प्रभारी डॉ. शकील अहमद हैं जो हरियाणा की अगुवाई भी बतौर इंचार्ज वही कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्र बताते हैं सोमवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में राज्यों के प्रभारी व महासचिवों की बैठक होनी है जिसमें यह मुद्दा भी सामने आने की संभावना है। राजधानी में 17 फरवरी से राष्ट्रपति शासन है। तब से आम आदमी पार्टी व कांग्रेस कई बार विधानसभा भंग करके चुनाव कराने की मांग कर चुकी है।

कांग्रेस दफ्तर पर मायूसी, नेता-कार्यकर्ता नहीं दिखे

Assembly election effect on cangress.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय 24 अकबर रोड पर रविवार सुबह सेे चुनाव परिणाम के रुझान आने के साथ ही मायूसी शुरू हो गई थी।

शुरुआत में जगदीश शर्मा की अगुवाई में कुछ कार्यकर्ता प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतारने की मांग करने जरूर एआईसीसी दफ्तर पर पहुंचे। इसके अलावा जिस समय भाजपा दफ्तर पर दिवाली मन रही थी, फूल बरस रहे थे, उस समय कांग्रेस मुख्यालय पर बेरिकेट लगे थे और सुरक्षाकर्मी के अलावा कोई नेता या कार्यकर्ता दिखाई नहीं दे रहा था।

हर राज्य की होती है अलग-अलग स्थिति
महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव परिणाम को दिल्ली से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। हर राज्य के अलग-अलग हालात होते हैं। महाराष्ट्र में 15 साल तो हरियाणा में 10 साल से कांग्रेस सत्ता में थी। जब किसी पार्टी की लगातार सरकार रहती है तो मतदाताओं में बदलाव की इच्छा होती है। दोनों राज्यों में भाजपा की जीत मोदी लहर नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ गुस्से का परिणाम है।
- मुकेश शर्मा, मुख्य प्रवक्ता, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed