सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेंगे आशीष!
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आम आदमी पार्टी में चल रहा घमासान सिद्घांतों और उसूलों से शुरु हो कर अब बेहद व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक जस पहुंचा है। कल तक एक ही पार्टी में काम करने वाले और एक दूसरे की तारीफ करने वाले नेता अब सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने पर उतारु हैं।
प्रशांत भूषण ने अपने निष्कासन के बाद आशीष खेतान पर आरोप लगाते हुए कहा था कि 31 दिसंबर 2011 को उन्होंने तहलका लेख लिखने के बदले एस्सार कंपनी से तीन करोड़ रुपये लिए थे।
इस आरोप का जवाब देते हुए आशीष खेतान ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर प्रशांत भूषण मेरे खिलाफ कोई भी आरोप साबित कर दें तो मैं सार्वजनिक जीवन छोड़ दूंगा लेकिन, अगर वह ऐसा नहीं कर पाए तो उन्हें भी सार्वजनकि जीवन छोड़ देना चाहिए।
भूषण परिवार ने कैसे जमा की इतनी संपत्ति?
आरोप लगाने का मामला यहीं नहीं रुका। आशीष ने भूषण परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे पास जो भी संपत्ति है उसका पूरा ब्योरा मैंने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में दे रखा है।
जबकि भूषण परिवार के पास के 500 से 700 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनके पास गाजियाबाद से लेकर रूढ़की और इलाहाबाद तक में प्लाट से लेकर तमाल अचल संपत्ति है।
अशीष ने कहा कि क्या भूषण जी यह बताएंगे कि यह सारी संपत्ति उन्होंने कैसे हासिल की है। क्या केवल जनहित याचिका करने वाला कोई वकील इतनी संपत्ति जमा कर सकता है?
प्रशांत क्यों हुए नाराज
आम आदमी पार्टी के बागी नेता प्रशांत भूषण ने आप की अनुशासन समिति के गठन पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि आप की अनुशासन समिति असंवैधानिक है।
उन्होंने अनुशासन समिति को अवैध करार देते हुए इसके सदस्य आशीष खेतान और पंकज गुप्ता के खिलाफ संगीन आरोप होने की बात कही थी।
प्रशांता ने यह भी कहा कि आशीष और पंकज ने ही उनके ऊपर कुछ दिन पहले आरोप लगाए थे और अब वही उसका फैसला भी कर रहे हैं, ये कहां का न्याय है।
गौरतलब है कि आप ने योगेंद्र यादव प्रशांत भूषण समेत आनंद कुमार और अजीत झा को 17 अप्रैल को नोटिस भेजा था। इस नोटिस का जवाब ने देने पर इन चारों को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।