केजरीवाल कैबिनेटः जानिए सभी मंत्रियों की संपत्ति से लेकर आपराधिक मामलों के आंकड़ों का ब्यौरा
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दिल्ली के लोगों की जुबान पर एक बार फिर अरविंद केजरीवाल का नाम है। उन्होंने लगातार तीसरी बार दिल्ली की कमान संभाली है। आज रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल ने तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ ही नए मंत्रिमंडल की छह मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। पिछली बार केजरीवाल की कैबिनेट में मंत्री रहे असीम अहमद, जितेंद्र सिंह तोमर और संदीप कुमार को हटाकर इमरान हुसैन, राजेंद्र गौतम और कैलाश गहलोत को जगह दी गई थी।
इन तीनों ने भी इस बार फिर से मंत्री पद की शपथ ली है। इस बार कैबिनेट में शामिल अरविंद केजरीवाल सहित पांच मंत्री करोड़पति हैं जबकि दो मंत्री लखपति हैं। कुल मिलाकर दिल्ली के नवगठित मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की औसत संपत्ति 8.95 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस बार के मंत्रिमंडल की औसत उम्र से लेकर संपत्ती तक में बढ़ोत्तरी हुई है।
आईए नजर डालते हैं पिछली बार की तुलना में इस बार के मंत्रिमंडल में क्या कुछ बदला है-
औसत उम्र
2020
केजरीवाल नीत मंत्रिमंडल की औसत आयु 47.2 वर्ष है। सात में से एक मंत्री की उम्र 40 साल से कम है तो तीन मंत्रियों की उम्र 40 साल से अधिक और केवल तीन की आयु 50 साल से अधिक है।
2015
पिछली बार सिर्फ 3 मंत्री ऐसे थे जिनकी उम्र 31 से 40 साल के बीच थी। कैबिनेट में सबसे युवा संदीप कुमार, जबकि सबसे उम्रदराज सत्येंद्र जैन थे। कैबिनेट की औसत उम्र 42 साल थी।
औसत संपत्ति
2020
इस बार 7 में से 5 यानी 71% मंत्री करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत संपत्ति 8.95 करोड़ रुपए है। सरकार में सबसे अमीर मंत्री नजफगढ़ से विधायक 45 वर्षीय कैलाश गहलोत हैं और सबसे कम संपत्ति गोपाल राय के पास है। कैलाश गहलोत के पास 46 करोड़ रुपए और गोपाल राय के पास 90 लाख रुपए की संपत्ति है।
2015
पिछली कैबिनेट में 7 में से 4 यानी 57% मंत्री करोड़पति थे। मंत्रियों की औसत संपत्ति 2.69 करोड़ रुपए थी। पिछली बार सत्येंद्र जैन सबसे अमीर और संदीप कुमार सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री थे।
औसत शिक्षा:
2020
केजरीवाल के मंत्रिमंडल में शामिल सभी सात मंत्री ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं। केवल मनीष सिसोदिया ऐसे हैं जिन्होंने डिप्लोमा किया है।
2015
पिछली बार 7 में से 6 मंत्रियों के पास ग्रेजुएट या उससे अधिक की डिग्री थी। मनीष सिसोदिया इकलौते थे, जिनके पास पत्रकारिता विषय में डिप्लोमा था।
आपराधिक मामले
2020
इस बार के मंत्रिमंडल में चार मंत्री ऐसे हैं, जिनपर आपराधिक मामले दर्ज हैं। किसी भी मंत्री पर हत्या, हत्या की कोशिश, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर मामले नहीं हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 13 मामले मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ दर्ज हैं।
2015
पिछली बार 7 में से 3 मंत्रियों पर आपराधिक मामले थे। उनमें से भी किसी मंत्री पर हत्या, हत्या की कोशिश, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर केस नहीं थे। मुख्यमंत्री केजरीवाल पर सबसे ज्यादा 10 मामले दर्ज थे।
महिला मंत्रियों की संख्या
2020
इस बार केजरीवाल की कैबिनेट में किसी महिला विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया।
2015
पिछली बार एक भी किसी महिला विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया था।