इस महिला ने खोली उबर की एक शर्मनाक सच्चाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बात इसी साल अक्टूबर की है जब सारा लेसी फ्रांस के शहर लियोन में थीं और कहीं जाने के लिए टैक्सी का इंतजार कर रही थीं। तभी उनकी निगाह एक ऐसे प्रचार पर पड़ी जिसमें लिखा था कि हॉट फीमेल ड्राइवर्स की सुविधा के लिए इस नंबर पर डायल करें।
इस एड को देखते ही लेसी ने तय किया कि वह उस एप को ही डिलीट कर देंगी जो कैब की सुविधा देती है। लेसी को लगा कि वह खुद एक महिला हैं और अगर महिलाओं का इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा तो उनके साथ रेप जैसी घटनाओं को होने से कैसे रोका जा सकता है।
असल में सारा लेसी अमेरिका की एक टेक्नॉलेजी जर्नलिस्ट हैं जिन्होंने इसी साल अक्टूबर में अपने स्मार्टफोन से उबर एप को डिलीट किया और अपने जानने वालों से ही ऐसा करने की अपील की।
उनके इस अभियान को शुरू हुए अभी दो महीने भी नहीं हुए थे कि उन्हें दिल्ली में उबर के कैब ड्राइवर द्वारा महिला के बलात्कार की घटना का पता चला। इस बारे में सुनते ही उन्होंने ट्विट कर कहा कि यह जानकर उन्हें बेहद दुख हो रहा है।
खोली उबर की पोल
इस अमेरिकी महिला जर्नलिस्ट ने जिस सच्चाई की ओर संकेत किया वह इतनी शर्मनाक है जिसे जानकर किसी का भी सिर शर्म से झुक जाए।
असल में लेसी भी कई बार उबर की सुविधाएं ले चुकी हैं लेकिन उनका कहना है कि असल मुद्दा ये नहीं है कि कौन सी कैब कंपनी कम खतरनाक है और कौन ज्यादा। असल समस्या ये है कि हमारी संस्कृति ही महिलाओं के अपमान को बढ़ावा देनी वाली है।
लेसी एक न्यूज वेबसाइट चलाती हैं। अभी हाल ही में उन्होंने एक इंवेस्टिगेटिव स्टोरी की थी जिसमें उन्होंने उबर के उस दावे के खोखलेपन को साबित किया था जिसमें कंपनी कहती है कि उसके किसी भी ड्राइवर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
लेसी ने अपनी रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जैसे ही काोई उबर ड्राइवर्स की शिकायत कंपनी से करतीं कंपनी के लोग उलट कर पैसेंजर पर ही दोष मढ़ देते। यहां तक कहा जाता कि पैसेंजर ने इतने भड़काउ ड्रेस पहन रखे थे कि इस तरह की घटना को रोका नहीं जा सकता।
'संस्कृति को बदलने की जरूरत है'
लेसी ने बताया कि उबर ऐसी कंपनी है जिसके सीईओ ट्रैविस क्लेनिक ने कंपनी की सफलता से खुश होकर कहा कहा था कि हम एक बूबर (Boober) कंपनी है जिसके साथ महिलाएं सोना चाहती हैं।
कंपनी तो यह तक कहती है कि महिलाएं टैक्सी ड्राइवर के हमले को सबसे ज्यादा शिकार बनतीं हैं। ऐसे में सिर्फ उबर को ही इसके लिए दोषी ठहराना गलत है। लेसी से तो यह तक कहा गया कि अगर उनके खुलासे के बाद भी महिलाओं के साथ इस तरह की घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी लेसी जैसी महिलाओं को लेनी चाहिए।
लेसी का कहना है कि जैसे ही इस तरह की घटनाओं के बारे में जिम्मेदारी लेने की बात आती है कोई भी आगे नहीं आना चाहता। लेसी की रिपोर्ट का सार है कि हमारे समाज में महिलाओं को जब तक उपभोग की वस्तु के रूप में प्रयोग किया जाता रहेगा उसे सम्मान दिलाना मुश्किल है। ऐसे में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सांस्कृतिक मूल्यों में बदलाव की गंभीर आवश्यकता है।
साभार: indianexpress.com