भूख से तीन बच्चियों की मौत के बाद जागी केजरीवाल सरकार, मानी गलती की 3 घोषणाएं
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को मंडावली इलाके की मृत तीन बच्चियों की मां से मुलाकात की। उन्होंने राजधानी में भूख से हुई मौतों को सिस्टम की नाकामी करार दिया। वहीं, पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने के लिए कई एलान भी किए। सिसोदिया ने योजना विभाग को आदेश दिया कि आगे से इस तरह के दुर्भाग्यपूर्ण हादसों से बचाव के लिए गरीब परिवार की गणना करें।
उपमुख्यमंत्री गीता कालोनी स्थित डीएम ऑफिस में मृत बच्चियों की मां व उनके पिता के दोस्त नारायण यादव से मिले। इस दौरान उन्होंने पूरी घटना पर गहराई से तफ्तीश की। बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजधानी में इस तरह की घटना का होना सिस्टम की नाकामी है। कई एजेंसियां हैं, जिनका काम ही इस तरह के लोगों का रिकॉर्ड रखना है।
उन्होंने योजना विभाग को निर्देश दिया कि पूरी दिल्ली में इस तरह के परिवारों की गणना करें। ताकि, दुबारा से किसी की भूख से मौत न हो। सिसोदिया ने स्वीकार किया कि वह खुद भी इस घटना से सदमे में हैं। मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। मां की मानसिक हालत ठीक न होने से वह ज्यादा बता पाने की हालत में नहीं है। सारी जानकारी उनके परिचित नारायण यादव से ही मिली है। पुलिस बच्चियों के पिता का तलाश कर रही है। उनके मिलने के बाद हकीकत पता चलेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट- बच्चियों के पेट में अन्न और फैट दोनों नहीं था
बेहतर इलाज के लिए मां को इहबास में कराया भर्ती
सिसोदिया ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मां की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उन्हें अंदाजा भी नहीं है कि उनके बच्चों के साथ क्या हुआ है। सरकार मां को बेहतर इलाज के लिए इहबास में भर्ती करा रही है। वहां उनका बेहतर इलाज करवाया जाएगा।
वहीं, डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग की तरफ से 25 हजार रुपये की सहायता राशि तत्काल मुहैया कराई गई है। पुलिस बच्चियों के पिता को खोज रही है। उनके मिलने पर सरकार उनका खाता खुलवाकर मुख्यमंत्री राहत कोश से भी मदद देगी। सिसोदिया के मुताबिक, स्थानीय लोग बता रहे हैं कि बच्चे स्कूल जाते थे। एक बच्ची ने सोमवार को स्कूल में मिड-डे-मील भी खाया था। उन्होंने कहा कि ये बात तो पक्की है कि परिवार बेहद गरीब था और उसके पास खाना खाने तक के पैसे नहीं थे।