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दिल्ली-एनसीआर को नहीं मिली दमघोंटू हवा से राहत, 113 औद्योगिक इकाइयां होंगी बंद

Tue, 30 Oct 2018 05:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ नोएडा Updated Tue, 30 Oct 2018 05:42 AM IST
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air quality conditions worsen in delhi, 113 industrial units will be closed
खुले में कूड़ा जलाने का निरीक्षण करते मंत्री इमरान हुसैन - फोटो : अमर उजाला

राजधानी में प्रदूषण की स्थिति अभी भी बेहद खराब बनी हुई है। सोमवार को भी प्रदूषित हवा से राहत नहीं मिल पाई। सुबह घने स्मॉग की चादर छाई रही जबकि पूरे दिन दिल्लीवासियों ने सड़कों पर प्रदूषण का आसर महसूस किया।

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दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थापित 29 मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही, जबकि चार स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक 367 के स्तर पर रहा, लेकिन पीएम 2.5 और पीएम 10 में होने वाली बढ़ोतरी से आम लोगों की सेहत पर प्रदूषण का खतरा और भी गहराने लगा है।
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निर्माण गतिविधियां, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। दस जगहों पर इसका अधिक असर देखा गया। पीएम 2.5 इस सीजन का सबसे सर्वाधिक 217 पर पहुंच गया। जानकार बताते हैं कि पीएम 2.5 सेहत के लिहाज से पीएम 10 की तुलना में कई गुणा खतरनाक है। सोमवार को एनसीआर में प्रदूषण ज्यादा रहा। 
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हवा शांत होने की वजह से धूल के कण और धुआं भी कई जगहों पर स्थिर हो जाने की वजह से धुंध और धुएं की स्थिति कभी-कभी बन रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान पराली जलाने में हुई भारी बढ़ोतरी के कारण वायु प्रदूषण का स्तर और ज्यादा गंभीर हो गया है।बोर्ड के मुताबिक, अगले दो दिन में हालात और बिगड़ सकते हैं और जल्द ऐहतियात नहीं बरते गए, तो जल्द ही प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा। त्योहार के बाद दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में कई गुना बढ़ोतरी की आशंका के मद्देनजर बोर्ड, एजेंसी और निकायों व संस्थाओं ने दिल्ली वासियों को ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।  

शाम 4 बजे की स्थिति
गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 430, गुरुग्राम 389, ग्रेटर नोएडा 385, दिल्ली 367 और फरीदाबाद 358 रहा।  

शांत हवा से जारी है प्रदूषण में बढ़ोतरी
संस्था ‘सफर’ के मुताबिक, शांत हवा होने की वजह से पराली से होने वाले प्रदूषण का स्तर भी पहले की तरह है। हवा के लिए माकूल वेंटिलेशन न होने की वजह से प्रदूषण मौजूदा स्तर के इर्द-गिर्द है। हवा की रफ्तार अगर तेज हो, तो प्रदूषण फैलाने वाले धूल कण बिखर जाएंगे। अगले माह त्योहार के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्मॉग होने से हालात और भी बदतर होने के कयास लगाए जा रहे हैं।  

113 औद्योगिक इकाइयां होंगी बंद

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दिल्ली बेशक वायु प्रदूषण के संकट से गुजर रही है, लेकिन दिल्ली सरकार व नगर निगम के बीच इससे निपटने का कारगर सिस्टम तैयार नहीं हो सका है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) की मानें तो औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क के किनारे खुले में कचरा जलाया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह डीपीसीसी ने दिल्ली सरकार, नगर निगम व औद्योगिक संघों के बीच समन्वय की कमी बताया है। डीपीसीसी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल अनिल बैजल के सामने रखी।

डीपीसीसी की तरफ से बैठक में बताया गया कि दिल्ली में 113 औद्योगिक इकाइयों ने अभी तक पीएनजी नहीं ली है। इनको बंद करने का निर्देश है। इसके अलावा 417 प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने का नोटिस दिया गया है। वहीं, 1368 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।       

दरअसल, एनवायरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) ने सोमवार को वायु प्रदूषण पर समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसकी अध्यक्षता उपराज्यपाल अनिल बैजल ने की। बैठक में पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, ईपीसीए अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल, उत्तरी दिल्ली नगर निगम आयुक्त, पर्यावरण विभाग के सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। डीपीसीसी ने बवाना व नरेला औद्योगिक इलाकों पर रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि सड़क के किनारे खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है। अपनी दलीलों के हक में डीपीसीसी ने मौके की तस्वीरें भी बैठक में रखीं।

हैरानी की बात यह कि दिल्ली आज वायु प्रदूषण के संकट से गुजर रहा है, लेकिन डीपीसीसी अधिकारियों का कहना था कि सड़कों पर कूड़ा जलाने की अहम वजह सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी है। दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी), उत्तरी नगर निगम व औद्योगिक संघों के बीच इसके लिए आपस में तालमेल ही नहीं है। इसके अलावा कचरा डंप के लिए जमीन की भी कमी की बात डीपीसीसी ने की।

उपराज्यपाल ने वायु प्रदूषण पर चिंता जाहिर करते हुए निर्देश दिया कि औद्योगिक इलाकों में पर्यावरण मार्शल की तैनाती बढ़ाई जाए। पर्यावरण मार्शल रात्रि में भी अपने-अपने इलाके में गश्त करें। वहीं, संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि प्रदूषण से जुड़े नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रदूषण से बचाव के लिए भाजपा ने बांटे मास्क

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मास्क वितरण करते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी - फोटो : अमर उजाला

बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रख प्रदेश भाजपा ने सोमवार को पालिका बाजार में मास्क का वितरण किया। भाजपा ने दिल्ली के कई स्थानों पर बढ़ते हुए पीएम स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की। कहा कि यह वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने-अपने इलाकों में मास्क वितरित करें। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल न तो दिल्ली के विकास के लिए गंभीर हैं और न ही दिल्ली को गैस चैंबर बनने से निजात दिलाने के प्रति। वहीं एमसीडी के तीनों मेयर से कहा गया है कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए समुचित कदम उठाएं। 

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