वायु प्रदूषण: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान पहले से ही लागू, लेकिन कैसे होगी कार्रवाई
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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बिगड़ते हालात के बीच एक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) फॉर दिल्ली-एनसीआर पहले से ही लागू कर दिया गया है। इसमें वातावरण में धूल के महीन कण (पीएम-2.5, पीएम-10) की मात्रा बढ़ने के साथ कार्य योजना तैयार कर पहले ही बता दिया गया था। केवल आंकड़ों पर नजर रखते हुए एक्शन लेना है, लेकिन यहां सब कुछ ऐसा नहीं दिख रहा है।
दरअसल, जब पीएम-2.5 की मात्रा 121 से 250 और पीएम-10 की मात्रा 351 से 430 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर के बीच दर्ज हो तो इसे बेहद खराब हालात बताया गया है। नोएडा में सोमवार को सुबह पीएम-2.5 201 और पीएम-10 412 था। पीएम-2.5 और पीएम-10 की मात्रा बेहद खराब माने जाने वाले आंकड़ों के बीच झूल रही थी।
ऐसे में नोएडा की संबंधित एजेंसी को बताई गई कार्य योजना के तहत एक्शन लेना था। इसमें डीजल जेनरेटर सेट को बंद करने, पार्किंग फीस को तीन से चार गुना बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन के साधनों को बढ़ाने, होटलों व अन्य स्थानों पर कोयले के उपयोग पर पाबंदी सहित अन्य एक्शन लेने थे। लेकिन प्रदूषण के आंकड़ों के बढ़ने के बावजूद ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया। केवल ईपीसीए की ओर से पहले से जारी निर्देशों के तहत ही 01 नवंबर से अनुपालन का पुराना निर्देश नोएडा प्राधिकरण ने दिया है। ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिर कौन इस एक्शन को लेगा। संबंधित एजेंसी सोमवार को विचार मंथन में ही उलझी रही। अब देखना है कि बढ़ते हुए प्रदूषण के स्तर पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम
नवंबर महीना शहर में ठंड और प्रदूषण लेकर आएगा। मौसम विभाग के अनुसार नवंबर के शुरुआती दिनों के साथ धीरे-धीरे शहर के तापमान में कमी आएगी। खासकर सुबह और शाम के समय हल्की ठंड रहेगी। वहीं, दोपहर में तापमान सामान्य रहेगा। इस समय हवा का बहाव ज्यादा तेज नहीं रहने का अनुमान है। धीमी गति से बहने वाली हवाओं के कारण प्रदूषण से राहत की संभावना नहीं के बराबर है। ऐसे में स्मॉग से शहरवासियों की परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही साथ हवाओं का रुख भी प्रदूषण में सहायक बनेगा। 3-4 नवंबर तक यही हाल बना रहेगा।
धूप निकलने के बाद सुुबह की सैर पर निकलें
शहर की हवा में बढ़ता प्रदूषण बीमार लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टरों ने सांस के रोगियों के साथ-साथ थायराइड, मोटापा, हाइपरटेंशन आदि के मरीजों को सुबह की सैर के लिए मना कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि फिलहाल प्रदूषण कि स्थिति को देखते हुए सुबह की सैर ठीक नहीं है। यदि सैर करते हैं तो थोड़ा धूप निकलने के बाद करें। क्योंकि स्मॉग में सैर करना सेहत के लिए नुकसानदायक है। इस समय सांस के रोगियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हम उन्हें जागरूक करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अस्थमा के मरीज अपनी दवाइयां समय से लें। पंप का प्रयोग करने वाले मरीज पंप आसपास ही रखें। साथ ही घर की खिड़की , दरवाजे बंद रखें। ज्यादा जरूरी न होने पर घर से बाहर ना जाएं। स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में पहले ही एडवाइजरी जारी कर चुका है।