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55 दिन बाद दिल्ली वालों ने ली खुलकर सांस, बारिश का दिखा असर
Fri, 29 Nov 2019 09:52 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 29 Nov 2019 09:52 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में दो दिन की हल्की बारिश का असर शुक्रवार को दिखा। हवा की गति औसत से कम होने के बावजूद प्रदूषण स्तर में सुधार आया है। बीते 55 दिन में पहली बार हवा की गुणवत्ता संतोषजनक स्तर तक पहुंचने से दिल्ली वालों ने खुलकर सांस ली। आने वाले दिनों में भी इसमें बड़े पैमाने पर उलटफेर होने का अंदेशा नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का अनुमान है कि शनिवार व रविवार को गुणवत्ता में मामूली खराबी आ सकती है।
बीते दो दिन की हल्की बारिश और तेज हवाओं से दिल्ली का प्रदूषण बुधवार से ही छंटना शुरू हो गया था। बृहस्पतिवार को भी मौसम ने साथ दिया। दो दिन में हवा की गुणवत्ता 134 व 106 पर रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार को हवा की गति हालांकि 8 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई, लेकिन मौसम साफ होने व पराली के धुएं के दिल्ली न पहुंच पाने से प्रदूषण में कमी आने का सिलसिला जारी रहा।
इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक 84 पर पहुंच गया। 5 अक्तूबर के बाद पहली बार दिल्ली की हवा संतोषजनक रही। उस वक्त हवा की गुणवत्ता 98 रिकॉर्ड की गई थी। हालांकि, शुक्रवार से भी कम हवा की गुणवत्ता 30 सितंबर को 68 दर्ज की गई थी।
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सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन में हवा की गुणवत्ता में बड़ा फेरबदल नहीं होगा। इस बीच हवा की गति करीब 15 किमी प्रति घंटा रहेगी।
वहीं, दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा भी 5-6 फीसदी के बीच रहेगा। इससे रविवार तक वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत व खराब स्तर की सीमा पर रहेगा। हालांकि, इस बीच अगर मौसमी दशाएं तेजी से बदलीं, तो हवा भी खराब हो सकती है।
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बीते दो दिन की हल्की बारिश और तेज हवाओं से दिल्ली का प्रदूषण बुधवार से ही छंटना शुरू हो गया था। बृहस्पतिवार को भी मौसम ने साथ दिया। दो दिन में हवा की गुणवत्ता 134 व 106 पर रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार को हवा की गति हालांकि 8 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई, लेकिन मौसम साफ होने व पराली के धुएं के दिल्ली न पहुंच पाने से प्रदूषण में कमी आने का सिलसिला जारी रहा।
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इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक 84 पर पहुंच गया। 5 अक्तूबर के बाद पहली बार दिल्ली की हवा संतोषजनक रही। उस वक्त हवा की गुणवत्ता 98 रिकॉर्ड की गई थी। हालांकि, शुक्रवार से भी कम हवा की गुणवत्ता 30 सितंबर को 68 दर्ज की गई थी।
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सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन में हवा की गुणवत्ता में बड़ा फेरबदल नहीं होगा। इस बीच हवा की गति करीब 15 किमी प्रति घंटा रहेगी।
वहीं, दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा भी 5-6 फीसदी के बीच रहेगा। इससे रविवार तक वायु गुणवत्ता सूचकांक औसत व खराब स्तर की सीमा पर रहेगा। हालांकि, इस बीच अगर मौसमी दशाएं तेजी से बदलीं, तो हवा भी खराब हो सकती है।