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Fake Corona Report: फर्जी कोरोना रिपोर्ट लगाकर हाईकोर्ट से जमानत लेना चाहता था आरोपी, ऐसे हुआ खुलासा
Sat, 28 May 2022 08:29 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 28 May 2022 08:29 AM IST
सार
मकोका के आरोपी ने हाईकोर्ट से जमानत लेने के लिए गाजियाबाद से पांच हजार रुपये में फर्जी कोरोना रिपोर्ट बनवाई। जांच की गई तो आरोपी पकड़ में आया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मकोका का आरोपी फर्जी कोरोना रिपोर्ट से जमानत लेना चाहता था। हाईकोट को उसकी रिपोर्ट पर संदेह हुआ और पुलिस को जांच के आदेश दिए। तिलक मार्ग थाना पुलिस मामला दर्जकर जांच शुरू की। जांच में आरोपी की कोरोना होने की रिपोर्ट फर्जी निकली।
तिलक मार्ग पुलिस ने आरोपी बदमाश को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। आरोपी ने बताया कि उसने कोरोना की फर्जी रिपोर्ट गाजियाबाद, यूपी स्थित फर्जी नर्सिंग होम से पांच हजार रुपये में बनवाई थी।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार करावल नगर निवासी बदमाश नरेंद्र कसाना के खिलाफ करीब 15 अपराधिक मामले दर्ज हैं। नेरंद्र कसाना को वर्ष 2017 में मकोका मामले में करावल नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोरोना काल में कोरोना के कारण एक जून, 2020 को कोर्ट ने उसे एक सप्ताह की जमानत दे दी थी।
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इसके बाद ये कभी पत्नी की बीमारी और कभी कुछ बहाना बनाकर जमानत को बढ़वाता रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे जमानत देने से इंकार कर दिया। 22 जुलाई, 2020 को इसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई और उसने कोरोना होने की कोरोना रिपोर्ट लगाई। कोर्ट को उसकी रिपोर्ट पर संदेह हुआ और करावल नगर पुलिस को जांच के आदेश दिए।
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तिलक मार्ग पुलिस ने आरोपी बदमाश को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। आरोपी ने बताया कि उसने कोरोना की फर्जी रिपोर्ट गाजियाबाद, यूपी स्थित फर्जी नर्सिंग होम से पांच हजार रुपये में बनवाई थी।
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नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार करावल नगर निवासी बदमाश नरेंद्र कसाना के खिलाफ करीब 15 अपराधिक मामले दर्ज हैं। नेरंद्र कसाना को वर्ष 2017 में मकोका मामले में करावल नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोरोना काल में कोरोना के कारण एक जून, 2020 को कोर्ट ने उसे एक सप्ताह की जमानत दे दी थी।
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इसके बाद ये कभी पत्नी की बीमारी और कभी कुछ बहाना बनाकर जमानत को बढ़वाता रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे जमानत देने से इंकार कर दिया। 22 जुलाई, 2020 को इसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई और उसने कोरोना होने की कोरोना रिपोर्ट लगाई। कोर्ट को उसकी रिपोर्ट पर संदेह हुआ और करावल नगर पुलिस को जांच के आदेश दिए।
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इस मामले में करावल नगर पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की तो बाद में जांच नई दिल्ली जिले की तिलक मार्ग थाना पुलिस को सौंपी गई। तिलक मार्ग थाना पुलिस को जांच में कोरोना रिपोर्ट फर्जी पाई गई। इसके बाद तिलक मार्ग थाने में 4 मार्च, 2022 को मामला दर्ज किया।
तिलक मार्ग थानाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा की देखरेख में एसआई हरकेश मीणा की टीम ने नरेंद्र कसाना को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने गाजियाबाद के एक नर्सिंग होम से पांच हजार रुपये में कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनवाई थी। नर्सिंग होम के वार्ड ब्वॉय ने उसकी कोरोना रिपोर्ट बनवाई थी।
तिलक मार्ग थानाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा की देखरेख में एसआई हरकेश मीणा की टीम ने नरेंद्र कसाना को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने गाजियाबाद के एक नर्सिंग होम से पांच हजार रुपये में कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनवाई थी। नर्सिंग होम के वार्ड ब्वॉय ने उसकी कोरोना रिपोर्ट बनवाई थी।