‘आप’ के ट्रैक पर देर से दौड़ेगी की बजट की गाड़ी
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आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली का बजट पेश करने में किसी तरह की हड़बड़ी के मूड में नहीं है। दिल्ली डॉयलॉग कमीशन की टास्क फोर्स गठित होने और उसकी सिफारिश आने का इंतजार किया जाएगा।
जिन 10 विधान सभा में जनता के सुझाव से बजट का प्रावधान किया जाना है, वह प्रक्रिया भी इस दौरान पूरी की जाएगी। हालांकि लेखानुदान से सरकार खर्चों में कटौती की शुरुआत कर सकती है।
दिल्ली सरकार का बजट 37 हजार करोड़ रुपये का है। वित्त वर्ष में लोकसभा और विस का चुनाव आने से बेशक प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पाए, खर्चे कम हुए लेकिन वसूली में 4300 करोड़ रुपये की कमी हुई।
पूर्ण बजट मई में
अधिकारी बता रहे हैं कि लेखानुदान में कटौती बहुत जरूरी है। लेखानुदान इसलिए लेना है ताकि कर्मियों के वेतन व अन्य खर्चों की व्यवस्था की जा सके।
सूत्र बताते हैं कि लेखानुदान तीन महीने का लिया जाएगा। इसके लिए विस का सत्र मार्च के अंतिम सप्ताह में दो दिन का होगा। इसकी तैयारी योजना व वित्त विभाग के अधिकारियों ने शुरू भी कर दी है।
सरकार का पूर्ण बजट मई में आएगा। तब तक दिल्ली डॉयलॉग कमीशन में दिए गए मोबाइल पर सरकार, वाई-फाई और सीसीटीवी वाली दिल्ली, अनधिकृत कॉलोनी नियमन, झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास, जॉब और जॉब सिक्योरिटी जैसे विषयों को दिल्ली के पूर्ण बजट में शामिल किए जाने की तैयारी है।