AAP की अनुशासन समिति में होगा बागियों पर फैसला
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आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही कलह के मसले पर बुधवार रात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर पीएसी की बैठक हुई। बैठक में योगेंद्र गुट पर कार्रवाई करने के लिए पार्टी की सर्वोच्च इकाई पीएसी ने मामला अनुशासन समिति को भेज दिया है।
अब अनुशासन समिति ही यह तय करेगी कि योगेंद्र गुट को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए या वह पार्टी में बने रहेंगे। सूत्रों की मानें तो विवादों से बचने लिए सीधे पीएसी ने यादव गुट पर कोई कार्रवाई न कर मामला अनुशासन समिति के पास भेजा है।
आम आदमी पार्टी सूत्रों के मुताबिक बुधवार हुई पीएसी की बैठक में योगेंद्र गुट मसले के अलावा 22 अप्रैल को भूमि अधिग्रहण मार्च के लिए पार्टी की तैयारी की भी समीक्षा की गई।
अनुशासन समिति ही लगाएगी निकासी पर मुहर
सूत्रों के मुताबिक योगेंद्र गुट मामले पर गहन चर्चा के बाद इनकी गतिविधियों को पार्टी विरोधी करार दिया गया। बाद में विचार-विमर्श करने के बाद मसले को अनुशासन समिति के पास भेजा गया।
अब अनुशासन समिति योगेंद्र गुट पर कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। माना जा रहा है कि पीएसी बैठक के बाद अब अनुशासन समिति योगेंद्र गुट के पास अपनी सफाई देने के लिए नोटिस भेजेगी।
इसके बाद समिति कभी भी बागी गुट के सदस्यों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सकती है। ऐसे में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रोफेसर आनंद कुमार, तिमारपुर से विधायक पंकज पुष्कर और अजीत झा पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।