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उपचुनाव में पटखनी के तुरंत बाद केजरीवाल के सिर पर आई एक और मुसीबत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 14 Apr 2017 09:21 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
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आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ चंदा बंद सत्याग्रह चला रहे पार्टी के पूर्व एनआरआई समर्थकों ने राजौरी गार्डन उपचुनाव में आप की हार के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है।
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इनका कहना है कि अगर केजरीवाल ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वैकल्पिक राजनीति का उम्मीद पाले बैठे देशवासियों के खिलाफ बड़ा विश्वासघात होगा। इसलिए उन्होंने केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की है।
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सत्याग्रह के संयोजक डॉ. मुनीष रायजादा ने राजौरी गार्डन ने कहा कि दो साल के भीतर जमानत जब्त कराने वाली पार्टी के मखिया को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
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ऐसा न होने पर पार्टी का वजूद ही खत्म हो जायेगा। रायजादा ने आरोप लगाया कि फिलहाल पार्टी से इमानदारी से जुड़े कार्यकर्ताओं को हासिये पर डाल दिया है।
पार्टी के कुछ लोग कर रहे टिकट में फर्जीवाड़ा
अरविंद केजरीवाल
शीर्ष पर बैठे कुछ लोग टिकट देने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। यही आलम रहा तो दिल्ली निगम चुनावों में पार्टी वेंटिलेटर पर पहुंच जाएगी।
मुनीष रायजादा के मुताबिक, चंदा बंद सत्याग्रह अभियान चलाने की वजह ही यह रही कि आप के भीतर नैतिकता और मूल्यों की फिर से बहाली की जाये।
फिलहाल कोशिश आम लोगों को आप की भ्रष्ट राजनीति के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने दावा किया कि सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक पार्टी चंदा देने वालों की सूची सार्वजनिक नहीं करती।
मुनीष रायजादा के मुताबिक, चंदा बंद सत्याग्रह अभियान चलाने की वजह ही यह रही कि आप के भीतर नैतिकता और मूल्यों की फिर से बहाली की जाये।
फिलहाल कोशिश आम लोगों को आप की भ्रष्ट राजनीति के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने दावा किया कि सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक पार्टी चंदा देने वालों की सूची सार्वजनिक नहीं करती।