अनामिका शुगर मिल हादसा: बॉयलर से गिरकर टेक्निशियन की मौत, मिल में शव रखकर धरने पर बैठे परिजन; कर रहे ये मांग
बुलंदहशहर जिले में अनामिका शुगर मिल में तैनात टेक्निशियन बॉयलर से नीचे जमीन पर गिरकर घायल हो गया। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों व परिजनों ने शव को मिल के अंदर रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
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अनामिका शुगर मिल में तैनात टेक्निशियन सोमवार सुबह बॉयलर से नीचे जमीन पर गिरकर घायल हो गया। मिल प्रबंधन ने उन्हें बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को मिल के अंदर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मिल प्रबंधन से जमकर नोंकझोंक भी हुई। शाम तक परिजन व ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं।
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव विसुंधरा निवासी प्रेम कुमार शर्मा उर्फ कलवा (50) निजी क्षेत्र की अनामिका शुगर मिल में टैक्निशियन के पद पर कार्यरत थे। सोमवार तड़के तीन बजे सिरके का रिसाव रोकने के लिए वह बॉयलर पर चढ़ रहे थे। इस दौरान पैर फिसलने से प्रेम कुमार शर्मा नीचे गिर पड़े। मिल प्रबंधन ने तत्काल घायल कर्मचारी को बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर पहुंचे परिजन गंभीर अवस्था में उन्हें नोएडा के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शव को एंबुलेंस में रखकर मिल परिसर में धरने पर बैठ गए
मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन सीधे शव को लेकर अनामिका शुगर मिल परिसर में घुस गए और मुख्य द्वार तक जा पहुंचे और वहा हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर औरंगाबाद थाना प्रभारी नीतीश भारद्वाज पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर मिल परिसर में धरने पर बैठ गए। परिजनों ने मृतक के बेटे को मिल में नौकरी के साथ दो बेटियों की शादी करने के लिए मुआवजे की मांग की है। मौके पर पहुंचे विधायक संजय शर्मा ने भी पहुंच कर परिजनों को आश्वासन दिया और मिल प्रबंधन से भी बातचीत की है।
दो बार बंद कराई चेन, मिल प्रबंधन में मचा हड़कंप
गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने जैसे ही फैक्टरी के मुख्य द्वार के अंदर घुसने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें अंदर घुसने से रोक दिया। तत्काल मुख्य द्वार को छावनी में तब्दील कर दिया गया। बाद में लोगों ने जबरन चेन को रुकवा दिया। जिसके बाद गन्ने की पेराई बंद हो गई। इस पर मिल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जीएम संजय मिश्रा गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान लोगों की जीएम से नोंकझोंक भी हो गई। करीब आधा घंटे बाद चेन को चालू करा दिया गया, तब जाकर मिल प्रबंधन ने राहत की सांस ली। दोपहर दो बजे फिर से प्रदर्शनकारियों ने चेन बंद करा दी। हालांकि, बाद में इसे चालू करा दिया गया है।
जैसे ही एंबुलेंस मिल के अंदर घुसी तो वहां सिक्योरिटी गेट पर थाना पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस की कोई बात नहीं सुनी। पुलिस से नोकझोंक करते हुए सैकड़ों ग्रामीण मिल के अंदर दाखिल हो गए।
अनूपशहर विधायक और एसडीएम पहुंचे
दोपहर करीब तीन बजे अनूपशहर विधायक संजय शर्मा मौके पर पहुंचे। विधायक की सूचना पर एसडीएम सदर नवीन कुमार भी आ गए। जीएम कार्यालय में विधायक ग्रामीणों को लेकर मिल प्रबंधन और प्रशासन से बातचीत की जा रही है।
मिल प्रबंधन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हुआ है। मुआवजे को लेकर कंपनी के निदेशक से बातचीत की जा रही है। - डॉ. तेजवीर सिंह ढाका, उपाध्यक्ष अनामिका शुगर मिल