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Delhi NCR News: ‘नृत्यधारा 3’ में सजी भरतनाट्यम की रंगारंग प्रस्तुति
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- 100 से अधिक कलाकारों ने दिखाई कला, साधना और परंपरा की झलक
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। गुरु सिंधु मिश्रा की भरतनाट्यम संस्था ‘आयाम’ की ओर से वार्षिक नृत्य उत्सव ‘नृत्यधारा 3’ का आयोजन एलटीजी ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक कलाकारों ने भरतनाट्यम की समृद्ध परंपरा और वर्षों की साधना को मंच पर प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना और राज्यसभा की पूर्व सदस्य सोनल मानसिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ शिष्याओं की प्रस्तुति ‘आनंद नर्तन गणपतिम भावये’ से हुआ। इसके बाद बाल कलाकारों ने ‘अंगिकम् भुवनम्’ श्लोक प्रस्तुत कर भगवान शिव को नृत्यांजलि अर्पित की। वरिष्ठ शिष्या अरुंधति चक्रवर्ती ने ‘कृष्णा नी बेगने बारो’ के माध्यम से यशोदा और बाल कृष्ण के वात्सल्य भाव को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया।
जूनियर विद्यार्थियों ने ‘मूषक वाहन’ पुष्पांजलि प्रस्तुत की, जबकि मध्यवर्ती विद्यार्थियों की रागमालिका जटिस्वरम प्रस्तुति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। वरिष्ठ शिष्या तनुषा त्यागी ने रामचरितमानस के प्रसंग ‘तन छार व्याल कपाल भूषण’ को भावपूर्ण अभिनय के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में वयस्क शुरुआती विद्यार्थियों ने ‘श्री रामचंद्र कृपालु भज मन’ की प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा दिखाई। समापन वरिष्ठ विद्यार्थियों की ऊर्जावान थिल्लाना प्रस्तुति से हुआ, जिसने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। आयोजन ने भरतनाट्यम की परंपरा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी रूप से मंच पर प्रस्तुत किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। गुरु सिंधु मिश्रा की भरतनाट्यम संस्था ‘आयाम’ की ओर से वार्षिक नृत्य उत्सव ‘नृत्यधारा 3’ का आयोजन एलटीजी ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक कलाकारों ने भरतनाट्यम की समृद्ध परंपरा और वर्षों की साधना को मंच पर प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना और राज्यसभा की पूर्व सदस्य सोनल मानसिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ शिष्याओं की प्रस्तुति ‘आनंद नर्तन गणपतिम भावये’ से हुआ। इसके बाद बाल कलाकारों ने ‘अंगिकम् भुवनम्’ श्लोक प्रस्तुत कर भगवान शिव को नृत्यांजलि अर्पित की। वरिष्ठ शिष्या अरुंधति चक्रवर्ती ने ‘कृष्णा नी बेगने बारो’ के माध्यम से यशोदा और बाल कृष्ण के वात्सल्य भाव को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया।
जूनियर विद्यार्थियों ने ‘मूषक वाहन’ पुष्पांजलि प्रस्तुत की, जबकि मध्यवर्ती विद्यार्थियों की रागमालिका जटिस्वरम प्रस्तुति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। वरिष्ठ शिष्या तनुषा त्यागी ने रामचरितमानस के प्रसंग ‘तन छार व्याल कपाल भूषण’ को भावपूर्ण अभिनय के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में वयस्क शुरुआती विद्यार्थियों ने ‘श्री रामचंद्र कृपालु भज मन’ की प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा दिखाई। समापन वरिष्ठ विद्यार्थियों की ऊर्जावान थिल्लाना प्रस्तुति से हुआ, जिसने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। आयोजन ने भरतनाट्यम की परंपरा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी रूप से मंच पर प्रस्तुत किया।
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