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दिल्ली चिड़ियाघर : सफेद बाघिन के बाद 40 वर्षीय घड़ियाल की मौत, मिले चोट के निशान
Mon, 27 Apr 2020 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 27 Apr 2020 06:27 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
चिड़ियाघर में सफेद बाघिन के बाद अब 40 वर्षीय घड़ियाल मर गया। इससे जानवरों की सुरक्षा का जिम्मा रखने वाले चिड़ियाघर प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। घड़ियाल अपने बाड़े में ही पानी के बाहर पड़ा मिला है। उसके पास कुछ अंडे भी मिले हैं। उस पर चोटों के निशान हैं।
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जानकारी के अनुसार, चिड़ियाघर के कर्मचारी जब घड़ियाल के बाड़े के पास गए तो उन्हें तेज दुर्गंध आई। बाड़े में देखा तो घड़ियाल मरा हुआ पानी के बाहर पड़ा था। सूत्रों के अनुसार, घड़ियाल पर चोटों के निशान भी मिले हैं।
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इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि बाड़े में किसी अन्य घड़ियाल से लड़ने के दौरान घड़ियाल घायल हो गया होगा और उसी से मर गया। इसी कारण उस पर चोट के निशान हैं। घड़ियाल का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसी की रिपोर्ट से पता चलेगा कि वह कैसे मरा।
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बुधवार को हो चुकी है कल्पना बाघिर की मौत
आपको बता दें कि दिल्ली चिड़ियाघर में कुछ ही दिन पहले सफेद बाघिन कल्पना की मौत हो गई थी। उसकी मौत के बाद प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।। शुरुआती जांच में बताया जा रहा था कि कल्पना की तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद बुधवार की रात उसने दम तोड़ दिया।
कल्पना की मौत को लेकर कोरोना का संदेह भी था इसलिए उसका रक्त सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। पता चला कि 14 वर्षीय सफेद बाघिन कल्पना किडनी फेल होने के कारण मरी थी। शुक्रवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। उसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई।
जबलपुर के एक पशु चिकित्सक ने दिल्ली चिड़ियाघर के अधिकारियों को बाघिन को मलद्वार से ग्लूकोज देने की सलाह दी थी, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। वहीं, उन्होंने कहा कि बाघिन के अंतिम संस्कार के समय कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था, जोकि वन्यजीव नियमों के खिलाफ है।