3700 करोड़ का स्कैम : एबलेज इंफो कंपनी का ऑफिस खोलने की नहीं ली थी अनुमति
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लंबे समय से ठगी का कारोबार कर रहा था
अनुभव मित्तल ने एबलेज कंपनी का ऑफिस खोलने के लिए सेक्टर-63 एफ-472 में किराये पर बिल्डिंग ली थी। यहां से अनुभव मित्तल लंबे समय से ठगी का कारोबार कर रहा था। जल्द ही अनुभव मित्तल इंटमार्ट नाम से ई-कॉमर्स के धंधे में उतरने वाला था।
इसके लिए उसने कुछ माह पहले सेक्टर-64 ए-22 में किराये पर गोदाम लिया था। नियमानुसार नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी के लिए जगह किराये पर लेने से पहले प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त करनी होती है।
प्राधिकरण इसके लिए निर्धारित फीस वसूलकर नीयत समय तक बिल्डिंग किराये पर देने की अनुमति प्रदान करता है। फीस किराये पर दी जाने वाली जगह और सेक्टर के हिसाब से तय है। प्राधिकरण द्वारा न्यूनतम पांच वर्ष के लिए किराये की अनुमति प्रदान की जाती है।
खाली करना पड़ सकता है ऑफिस
प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक मीडिया में एबलेज कंपनी की खबरें आने के बाद सोमवार को कार्यालय खुलने पर किराये पर ली गई दोनों बिल्डिंगों की जांच शुरू की गई है। सेक्टर-63 और 64 में ऑफिस व गोदाम के लिए किराये पर ली गई बिल्डिगों की फाइल खंगाली गई है।
इन फाइलों में बिल्डिंग को किराये पर देने का अनुमति प्रपत्र संलग्न नहीं है। लिहाजा दोनों बिल्ंिडग मालिकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। जांच में अनियमितता मिलने पर प्राधिकरण दोनों बिल्डिंग के मालिकों से जुर्माना वसूलेगा।
प्राधिकरण द्वारा जांच में खामी पाए जाने पर एबलेज कंपनी को भी अपना ऑफिस खाली करना पड़ सकता है। ऐसे में उसके लिए दूसरी जगह किराये पर बिल्ंिडग लेकर ऑफिस खोलना काफी मुश्किल हो सकता है।
तीन और बैंकों में खातों की जांच कर रही एसटीएफ
इसमें सिंडिकेट बैंक, आईएनजी वैश्य और देना बैंक शामिल हैं। इन बैंकों में आरोपियों का व्यक्तिगत खाता या कंपनी का खाता होने की जानकारी फिलहाल नहीं मिली है। इनकी जांच की जा रही है। सभी बैंक खाते गाजियाबाद में हैं। साथ ही एसटीएफ एबलेज कंपनी के बैंक खातों में 3726 करोड़ रुपये का हिसाब भी खंगाल रही है।
अभी 524 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में फ्रीज हैं। बाकी पैसा कंपनी ने कहां खर्च किया है या किसे-किसे दिया है इसका भी हिसाब लगाया जा रहा है। अभी तक एसटीएफ को पैसों का पूरा हिसाब नहीं मिला है। इसलिए एसटीएफ को संदेह है कि कुछ फर्जी कंपनियां और फर्जी आईडी बनाकर उनमें भी एबलेज कंपनी द्वारा मोटा भुगतान किया गया है। साथ ही कंपनी के खर्च और कर्मचारियों को दी जा रही तनख्वाह आदि का भी हिसाब लगाया जा रहा है।