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30 मिनट लिफ्ट में फंसा मीडियाकर्मी, हड़कंप
अमर उजाला, वैशाली
Updated Fri, 25 Dec 2015 01:05 AM IST
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सेक्टर-4 स्थित अलकनंदा टावर में लिफ्ट अटकने से एक मीडिया कर्मी करीब 30 मिनट तक अंदर फंसा रहा। लिफ्ट में लाइट और पंखा न चलने से वह काफी घबरा गए। उन्होंने फोन पर दूसरे टावर में रहने वाले लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद लिफ्ट खोलकर उन्हें बाहर निकाला गया।
अलकनंदा टावर निवासी वैंकटरमन तीसरी मंजिल पर रहते हैं वह दिल्ली के एक संस्थान में कार्यरत हैं। बृहस्पतिवार शाम छह बजे वह लिफ्ट से नीचे आ रहे थे।
उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर जाने के लिए जीरो का बटन दबाया, मगर लिफ्ट नीचे जाने के बजाए ऊपर नौवें फ्लोर पर जाकर अटक गई। उन्होंने बहुत कोशिश की, मगर लिफ्ट नहीं खुली।
मीडियाकर्मी ने सोसायटी के लोगों को फोन कर इसकी सूचना दी। इसके बाद लोगों ने हाथों से किसी तरह लिफ्ट का दरवाजा खोलकर मीडिया कर्मी को बाहर निकाला। वह 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।
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पीड़ित ने बताया कि आरडब्ल्यूए कार्यालय में फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने मंदाकनी टावर के रेजिडेंट्स को फोन कर सूचना दी।
रेजिडेंट्स का कहना था कि टावर में दो लिफ्ट लगी हैं, लेकिन एक ही काम करती है। वह भी कभी भी बंद हो जाती है। लगातार शिकायत करने के बाद भी लिफ्ट का रखरखाव नहीं हो रहा है। ज्यादातर लोग लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सेल्स टैक्स, सर्विस टैक्स और इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत कर्मचारी रहते हैं। इन टावरों की मेंटेनेंस का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है। मगर नियमित रूप से इनकी मेंटेनेंस नहीं की जाती है।
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अलकनंदा टावर निवासी वैंकटरमन तीसरी मंजिल पर रहते हैं वह दिल्ली के एक संस्थान में कार्यरत हैं। बृहस्पतिवार शाम छह बजे वह लिफ्ट से नीचे आ रहे थे।
उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर जाने के लिए जीरो का बटन दबाया, मगर लिफ्ट नीचे जाने के बजाए ऊपर नौवें फ्लोर पर जाकर अटक गई। उन्होंने बहुत कोशिश की, मगर लिफ्ट नहीं खुली।
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मीडियाकर्मी ने सोसायटी के लोगों को फोन कर इसकी सूचना दी। इसके बाद लोगों ने हाथों से किसी तरह लिफ्ट का दरवाजा खोलकर मीडिया कर्मी को बाहर निकाला। वह 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।
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पीड़ित ने बताया कि आरडब्ल्यूए कार्यालय में फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने मंदाकनी टावर के रेजिडेंट्स को फोन कर सूचना दी।
रेजिडेंट्स का कहना था कि टावर में दो लिफ्ट लगी हैं, लेकिन एक ही काम करती है। वह भी कभी भी बंद हो जाती है। लगातार शिकायत करने के बाद भी लिफ्ट का रखरखाव नहीं हो रहा है। ज्यादातर लोग लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सेल्स टैक्स, सर्विस टैक्स और इनकम टैक्स विभाग में कार्यरत कर्मचारी रहते हैं। इन टावरों की मेंटेनेंस का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है। मगर नियमित रूप से इनकी मेंटेनेंस नहीं की जाती है।