बारिश से तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत जमींदोज, 3 महीने पहले हुई थी सील
बारिश के कारण गढ़ी चौखंडी में शुक्रवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। इमारत को नोएडा प्राधिकरण ने तीन माह पहले सील किया था। यह प्राधिकरण की जमीन पर बनाई गई थी। बारिश के कारण इस इमारत के नीचे जलभराव था।
लोगों ने बताया कि जब इमारत गिरी तो ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। जब देखा तो वहां खड़ी तीन मंजिला इमारत गिर गई थी। मामले की सूचना पुलिस-प्रशासन और प्राधिकरण को मिलते ही सभी उस ओर दौड़ लगा पड़े। हालांकि, इमारत सील होने से उसमें कोई नहीं रह रहा था।
इससे किसी तरह के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्राधिकरण का वर्क सर्किल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इस इमारत को ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया गया था और प्राधिकरण खुद ही ध्वस्त करने वाला था। अधिकारियों का कहना है कि उक्त भवन का निर्माण बेहद घटिया गुणवत्ता वाले मैटेरियल से किया गया था। यही नहीं आठ एमएम का सरिया उसमें लगा हुआ था।
वहीं, जब प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि वहां एक पांच मंजिला इमारत झुकी हुई है। टीम ने जब उस इमारत को सील करने की कोशिश की तो वहां हंगामा हो गया। स्थानीय लोग इसका विरोध करने लगे। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने भवन को असुरक्षित घोषित करते हुए उस पर नोटिस चिपका दिया।
उस भवन को सील करने की कार्यवाही की जा रही है। प्राधिकरण के ओएसडी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जो इमारत गिरी है, उस मामले में बिट्टू यादव और टीटू यादव और असुरक्षित भवन घोषित मामले में राम मुनी यादव के खिलाफ एफआईआर कराई गई है।
आठ अस्थायी निर्माण को किया गया ध्वस्त
नोएडा प्राधिकरण ने इमारत गिरने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और वहां कुछ अस्थायी असुरक्षित निर्माण पाए। वहां एक से दो कमरे के निर्माण कराए गए थे जो कि कमजोर और जर्जर हालत में थे। उक्त आठ अस्थायी निर्माण को प्राधिकरण ने शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया। यहां कोई नहीं रह रहा था।