दिल्ली में चिकनगुनिया से 3 मौतों पर सीएम केजरीवाल का जवाब- LG, PM से पूछिए
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राजधानी में तेजी से फैल रहा चिकनगुनिया पिछले 24 घंटों में तीन लोगों को अपना शिकार बना चुका है। तीनों मरीजों ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में दम तोड़ा है।
इस बीच बीमारी पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्ष दिल्ली के सीएम से सवाल पूछ रहा है। वहीं, केजरीवाल ने पलटवार करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''सीएम और उसके मिनिस्टरों के पास अब कोई शक्ति नहीं है। यहां तक कि वे अपनी मर्जी से एक पैन तक नहीं खरीद सकते। LG और PM सारी पॉवर्स के मजे ले रहे हैं। LG भी दिल्ली से बाहर हैं। दिल्ली के बारे में उनसे सवाल पूछिए।''
भारतीय जनता पार्टी के नेता संविद पात्रा ने आप सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसे समय में जब सरकार को दिल्ली के लोगों की मदद करनी चाहिए तो उनके मुखिया द्वारा व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है।CM n min left wid no power now, even to buy a pen. LG n PM enjoy all powers wrt Del. LG abroad.Question them for Del https://t.co/t8ygcZmo1P
विज्ञापन विज्ञापन— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 13, 2016
इस बीच दिल्ली सरकार के सभी बड़े पदों के लोगों का दिल्ली से गायब होना भी आप सरकार के लिए मुसीबत की वजह बन गया है। मालूम हो कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन फिलहाल चार दिन की यात्रा पर गोवा गए हुए हैं। मुख्यमंत्री अपना इलाज कराने के लिए बेंगलुरु जा चुके हैं और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी विदेश दौरे पर हैं। खुद को राज्य का असली मुखिया बताने वाले एलजी नजीब जंग भी फिलहाल विदेश दौरे पर हैं।
बात केवल सरकार के उच्च पदों पर बैठे लोगों तक ही सीमित नहीं है बल्कि तीनों एमसीडी के चेयरमैन भी फिलहाल दिल्ली से बाहर गए हुए हैं। दिल्ली में बीमारियों की रोकथाम पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली की राज्य सरकार को हर वो मदद मुहैया करान के लिए तैयार है जो उनके द्वारा मांगी जाएगी। साथ ही सरकार एक-एक दिन की स्थिती का जायजा ले रही है और इस पर विचार के लिए कल एक मीटिंग भी बुलाई गई जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री स्वयं करेंगे।
उधर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना है कि इस बार दिल्ली में फॉगिंग बिल्कुल नहीं की गई। अगर सरकार अपनी जिम्मेदारियों को ही नहीं निभाएगी तो वो कैसे काम कर पाएगी। सरकार को बरसात शुरु होने से पहले ही बीमारियों पर लगाम के लिए जरूरी कदम उठाना चाहिए था।
एक हफ्ते में चिकनगुनिया के 497 हुए रिकॉर्ड
नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक डेंगू के 1158 और चिकनगुनिया के 1724 मामले पंजीकृत किए गए हैं। बीते सप्ताह चिकनगुनिया के 497 मामले रिकार्ड किए गए। वहीं कुल 1724 मामले पंजीकृत किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते सप्ताह डेंगू के 387 मामले दर्ज किए गए। वहीं, इस वर्ष अब तक कुल 1158 मरीज पंजीकृत किए गए हैं।
कुल डेंगू मरीजों में से 804 दिल्ली और 354 मरीज दिल्ली से बाहर के हैं। 10 सितंबर तक डेंगू के 387 मामले आए। वहीं अगस्त माह में 652 मामले सामने आए थे।
बीते वर्ष दिल्ली में डेंगू के 15867 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 60 मरीजों की मौत डेंगू बीमारी से हो गई थी। यहां बता दें कि अभी भी दिल्ली के सभी निजी और सरकारी अस्पताल चिकनगुनिया मरीजों की संख्या की जानकारी निगम को नहीं दे रहा है। गैर अधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एम्स, सफदरजंग, आरएमएल और अपोलो अस्पताल के मरीजों की संख्या निगम की रिपोर्ट से कहीं ज्यादा है। डेंगू से मौत के आंकड़े भी अधिक हैं।
निगम के अस्पताल और स्कूल में ही पनप रहे लार्वा
राजधानी को डेंगू एवं चिकनगुनिया से पूरी तरह गिरफ्त में ले लिया है। इन बीमारियों को फैला रहे मच्छरों के प्रजनन को रोकने में तीनों नगर निगम नाकाम हो रही है।
घरों में ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में भी डेंगू का लार्वा मिल रहा है। उत्तरी नगर निगम तो अपने अस्पताल और स्कूल में ही लार्वा पैदा होने से नहीं रोक पा रही है।
दिल्ली के बड़े अस्पतालों में शामिल हिंदूराव अस्पताल में भी डेंगू का लार्वा पनप रहा है। आनंद पर्वत स्कूल में भी डेंगू का लार्वा मिला है। वहीं नगर निगम मुख्यालय से सटे जाकिर हुसैन कॉलेज और एमटीएनएल कार्यालय में डेंगू का लावा मिला।
इसके अलावा शादीपुर स्थित पर्यावरण कार्यालय, पटेल नगर में उत्तर रेलवे, पूसा परिसर, प्रसाद नगर में डाकघर कार्यालय, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में बिजली कंपनी कार्यालय, केशवपुरम में जल बोर्ड कार्यालय, समयपुर में दिल्ली सरकार के स्कूल के अलावा अनेक स्थानों पर डेंगू का लार्वा पाया गया। इसके चलते नगर निगम ने इन परिसरों का चालान काटा है।