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भू-कानून के लिए युवाओं ने निकाली रैली
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देहरादून। हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर कभी सोशल मीडिया पर तो कभी सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को शनिवार को महिलाओं का समर्थन मिला। महिलाओं ने युवाओं के सुर में सुर मिलाते हुए मांग को जायज ठहराया। साथ ही मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
शनिवार को दो दर्जन से ज्यादा युवा गांधी पार्क के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और कुछ देर में महिलाएं भी पहुंच गईं। जहां से प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर से होते हुए लैंसडौन चौक तक रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं ने कहा कि भू-कानून से प्रदेश को बचाया जा सकता है। इस ओर सरकार को ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि भू-कानून सिर्फ युवाओं की ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंडवासियों की मांग है। जिससे प्रदेशवासी अपनी जमीन के स्वयं मालिक बने रहें और देवभूमि की संस्कृति को बचाया जा सके। वहीं महिलाओं ने कहा कि दिन प्रति दिन बढ़ती बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। इसके चलते युवाओं को बेरोजगार होना पड़ रहा है और पलायन की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रदर्शन में इंदु नवानी, आशीष नौटियाल, सौरभ सेमवाल, आशीष नेगी, प्रज्वल जोशी, दीपांजलि, किरन, नीमा रौथन, यसुधा रावत, विजय लक्ष्मी, दीपा जोशी आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को दो दर्जन से ज्यादा युवा गांधी पार्क के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और कुछ देर में महिलाएं भी पहुंच गईं। जहां से प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर से होते हुए लैंसडौन चौक तक रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं ने कहा कि भू-कानून से प्रदेश को बचाया जा सकता है। इस ओर सरकार को ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि भू-कानून सिर्फ युवाओं की ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंडवासियों की मांग है। जिससे प्रदेशवासी अपनी जमीन के स्वयं मालिक बने रहें और देवभूमि की संस्कृति को बचाया जा सके। वहीं महिलाओं ने कहा कि दिन प्रति दिन बढ़ती बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। इसके चलते युवाओं को बेरोजगार होना पड़ रहा है और पलायन की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रदर्शन में इंदु नवानी, आशीष नौटियाल, सौरभ सेमवाल, आशीष नेगी, प्रज्वल जोशी, दीपांजलि, किरन, नीमा रौथन, यसुधा रावत, विजय लक्ष्मी, दीपा जोशी आदि मौजूद रहे।
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