हरिद्वार: रॉड से आखिरी सांस तक करता रहा वार, फिर पार्किंग में फेंक गया खून से लथपथ शव
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गोशाला के लोडर चालक ने धर्मशाला में कार्यरत सफाई कर्मचारी की हत्या कर शव को दिनदहाड़े हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे से सटे चमगादड़ टापू (पंतद्वीप पार्किंग) में फेंक दिया और फरार हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने खून से लथपथ शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुलिस के अनुसार, मृतक के सिर और हाथों पर गहरी चोट के निशान हैं। संभवत: रॉड से उसकी हत्या की गई है। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब दस बजे चमगादड़ टापू में लोडर वाहन लेकर पहुंचे एक युवक ने पिछले हिस्से में रखे खून से लथपथ शव को नीचे फेंक दिया। आसपास के लोगों की नजर उस पर पड़ी तो चालक लोडर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
लोगों की सूचना पाकर मौके पर पहुुंची पुलिस ने मृतक की पहचान दीपू (38) पुत्र सोहन लाल निवासी कुमारगड्डा, रामलीला मैैदान हरिद्वार के रूप में की। नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि जांच में पता चला कि लोडर सद्भावना परिवार सेवाश्रम के गोशाला का है। इसके बाद पुलिस सीधे सद्भावना परिवार सेवाश्रम के गौशाला पहुंची।
आश्रम में मिले एक कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि दीपू रविवार देर रात गोशाला में आया था। इस दौरान आश्रम में चालक के रूप में कार्यरत उसके ही दोस्त अरुण शर्मा निवासी सीकर राजस्थान से उसका विवाद हो गया।
उक्त कर्मचारी ने आशंका जताई कि उसी ने ही दीपू हत्या की होगी और फिर शव चमगादड़ टापू पर फेंककर फरार हो गया होगा। नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि मृतक की अरुण शर्मा से दोस्ती के बारे में परिजनों को भी पता नहीं है।
दीपू एक धर्मशाला में सफाई कर्मी था। उसके छोटे भाई गुड्डू की तहरीर के आधार पर चालक अरुण शर्मा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
बेरहमी से की गई हत्या
दीपू की हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि गोशाला में दीपू और अरुण के विवाद के दौरान मौजूद रहे कर्मचारी को आखिर हत्याकांड को अंजाम देने की बात कैसे पता नहीं चल सकी। दीपू का सिर भी बुरी तरह फटा हुआ था। पूरे कपड़े खून से सने थे। इससे पता चलता है कि जब उस पर हमला हुआ होगा तो वह चीखा-चिल्लाया भी होगा।
चालक के ठौर ठिकाने का नहीं पता
आरोपी लोडर चालक के बारे में स्थानीय पुलिस को अधिक जानकारी नहीं मिली है। केवल इतना ही पता है कि वह सीकर राजस्थान का रहने वाला है। यह जरूर सामने आया है कि वह कई वर्षों से हरिद्वार में रह रहा है। ये भी नहीं पता है कि उसका सत्यापन भी हुआ है या नहीं।