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योगा के ऐसे दीवाने आपने कहीं नहीं देखे होंगे

Mon, 22 Jun 2015 10:53 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 22 Jun 2015 10:53 AM IST
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yoga trainer in uttarakhand.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज अमर उजाला आपको ऐसे लोगों से मिलाने जा रहा है जो योगा के दीवाने हैं।

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चंपावत के कारोबारी पुष्कर दत्त राय (63) सात साल से योग कर रहे हैं। उनके लिए योग चिकित्सा है। 11 किलो वजन कम होने के अलावा पेट संबंधी दिक्कतें तो दूर हुई।

योग और प्राणायम ने भोजन की सात्विकता से जोड़ दिया। आज वह बारिश, आंधी- तूफान हो हर हाल में योग करते हैं। श्री राय बताते हैं कि योग की शुरुआत सात साल पूर्व चंपावत में लगे एक सप्ताह के योग शिविर से हुई। इस कैंप में हुए लाभ के बाद उनका रुझान खुद-ब-खुद योग की तरफ हो गया।
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योग विशेषज्ञ राजेद्र गहतोड़ी और रिटायर्ड प्रधानाचार्य इंद्र सिंह बोहरा ने उनकी मदद की। तबसे वे लगातार योग कर रहे हैं।

योग की अलख जगा रही कोमल

yoga trainer in uttarakhand.

रुड़की के लक्सर क्षेत्र के खानपुर गांव की कोमल भाटी अपने घर में ही महिलाओं को योग सिखा रहीं हैं। उनका कहना है कि इस समय उनके पास 30 से ज्यादा महिलाएं नियमित रूप से योग करने आती हैं।

आजाद भाटी की पुत्री कोमल भाटी एमए की छात्रा हैं। योग में गहरी रुचि रखने वाली कोमल बताती हैं कि उन्होंने पतंजलि योगपीठ में छह दिवसीय शिविर में हिस्सा लेकर योग सीखा था।

कोमल इन दिनों पढ़ाई के साथ-साथ अपने घर पर ही महिलाओं को निशुल्क योग सिखा रहीं हैं और योग से ठीक होने वाली बीमारियों के बारे में भी जानकारी दे रही हैं। बताया कि नियमित रूप से योग को अपनाने से कई बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है और मनुष्य निरोगी बना रहता है।

ताइवान में योग की अलख जगा रहे सुनील

yoga trainer in uttarakhand.

योग तनाव से मुक्ति का बेहतर साधन है, वर्तमान में विश्व के ज्यादातर देश तनाव से मुक्ति के लिए योग का सहारा ले रहे हैं- यह कहना है ताइवान में योग के प्रति अलख जगा रहे विकासनगर के लाइन जीवनगढ़ निवासी सुनील चमोली का। पिछले एक साल से सुनील ताइवान में लोगों को योग सिखा रहे हैं।

25 वर्षीय सुनील ताइवान में योग शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके हैं।  सुनील का कहना है कि ताइवान में योग के प्रति क्रेज बढ़ता जा रहा है। विदेशों में तनाव इतना बढ़ गया है कि लोग ठीक से काम भी नहीं कर पाते।

ऐसे में योग से उन्हें आत्मिक शांति तो मिलती ही है, शरीर भी स्वस्थ रहता है। सुनील ने फोन पर बताया कि 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए वह साधकों को तैयार कर रहे हैं। जिससे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सार्थकता सिद्ध हो सके।

सुनील ने बताया कि वह ताइवान के शहरों में घूम घूमकर लोगों को योग सिखाते हैं। एक दिन में 100-150 लोग सुबह और शाम योग सीखते हैं।

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