उत्तराखंडः हनी सिंह का रैप सुन भागे जंगली जानवर
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हनी सिंह के गानों को आपने पार्टियों में, घरों में और गाड़ी में खूब बजते देखें होंगे। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं हनी सिंह का 'ब्राउन रंग' बजता सुन कोई खौफजदा भी हो सकता है। जी हां, चौंकिए मत यह हो रहा है उत्तराखंड में।
उत्तराखंड के नैनीताल में किसानों ने जंगली सूअरों और दूसरे जानवरों द्वारा फसलों को बरबाद किए जाने से बचने का अनूठा तरीका खोज निकाला है। जंगली जानवरों को खेतों से दूर भगाने के लिए किसान हनी सिंह के रैप बजा रहे हैं। हनी सिंह के गानों को सुनते ही जंगली जानवर खेतों से भाग जा रहे हैं।
उत्तराखंड में हर वर्ष जंगली सूअर फसलों को बड़ा नुकसान करते हैं। इसके चलते उत्तराखंड सरकार ने इन्हें नुकसानदायक घोषित करते हुए इन्हें मारने की अनुमति दी हुई है। इसके बावजूद फसलों पर जंगली जानवरों का कहर कम नहीं हो रहा।
गानों की आवाज सुनकर दूर भागने लगे जंगली जानवर
कुछ किसानों ने एक नई तरकीब अपनाई। उन्होंने खेतों के चारों ओर लाउडस्पीकर लगाकर उस पर हनी सिंह और दूसरे पंजाबी गायकों के गाने बजाए। इसका जोरदार असर हुआ और जंगली जानवर इनके शोर से खेतों से दूर भागते रहे।
एक अंग्रेजी समाचार वेबसाइट की खबर के मुताबिक नैनीताल के धारी गांव में एक किसान ने अपनी आलू की फसल से जंगली सूअर दूर रखने के लिए खेतों के चारों ओर लाउडस्पीकर लगाकर हनी सिंह के गाने बजाए। उनकी खुशी का ठिकाना न रहा जब इन गानों की आवाज सुनकर जंगली जानवर दूर भागने लगे।
बताया कि उन्होंने सुना था था कि जंगली जहां इंसानों की आहट बनी रहती हैं जंगली जानवर वहां से दूर भागते हैं। संगीत ऐसा तरीका था जिससे इंसान की मौजूदगी का अहसास होता है। कहते हैं कि बस मैने ये तरीका आजमाया और खुशी की बात है कि यह काम कर रहा है।
इस तरीके की सफलता को देखते हुए आसपास के अन्य किसान और ग्रामीण भी खेतों में इस तरह के गाने बजा रहे हैं।