28 घंटे बाद खुला यमुनोत्री पैदल मार्ग, सैंकड़ों तीर्थयात्री मायूस होकर लौटे
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यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग 28 घंटे के बाद भैरव मंदिर के पास सुगम आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। बता दें कि सोमवार रात को मार्ग पर बोल्डर आने से यमुनोत्री पैदल मार्ग भैरव मंदिर से कुछ दूर पहले बंद हो गया था।
जिसके कारण सैकड़ों तीर्थयात्री को यमुना के दर्शन किए बिना लौट गए थे। जबकि कुछ यात्रियों ने जोखिम उठाकर बोल्डर को लांघकर मां यमुना के दर्शन किए। कुपडा गांव के प्रसिद्ध शेषनाग देवता की डोली सहित ग्रमाणों का जत्था भी बोल्डर को लांघकर यमुनोत्री धाम पहुंचा था।
बुधवार को मार्ग खुलने के बाद ग्रामीणों ने वापसी की। एसडीएम बड़कोट रोहित मीणा का कहना है कि 11 बजे के करीब यमुनोत्री मार्ग पर आये बोल्डर को तोड़कर मार्ग खोल दिया गया है। अब यात्री आसानी से यमुनोत्री धाम के लिए आवागमन कर सकते हैं।
130 में से 15 प्रवासी ही दर्शन कर पाये
भारत के विभिन्न प्रांतों के दुबई में रह रहे प्रवासी भारतीयों का 130 लोगों का जत्था यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आया था। लेकिन भैरव मदिर के पास मंगलवार को रास्ता अवरुद्ध होने के कारण 130 में से मात्र 15 लोग ही यमुनोत्री धाम की यात्रा कर पाए। समय अधिक लगने के कारण यात्रियों ने आज गंगोत्री के लिए रुख किया।
दस छोटे वाहनों में आए 130 तीर्थ यात्रियों में कंचन, उमा, बाबूराम ने गंगोत्री जाते वक्त दुबाटा बड़कोट के पास अमर उजाला के प्रतिनिधि से बातचीत में बताया कि वे देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर आए थे।
लेकिन यमुनोत्री पैदल मार्ग पर चट्टान खिसकने से मार्ग अवरूद्ध होने के कारण उन्हें मंगलवार को पुलिस व प्रशासन के कर्मचारियों ने यह कर वापस लौटा दिया कि सुरक्षा के लिहाज से यह मार्ग अभी ठीक नहीं है। अगर जाना ही है तो वैकल्पि मार्ग से जाए।
जिसमें से 130 में से 15 लोग ही आगे बढ़ पाये। 15 लोग जब वैकल्पिक मार्ग से यात्रा कर वापस लौटे तो उन्होंने मार्ग को बेहद कठिन बताया। जिसके बाद अन्य लोग यमुनोत्री दर्शन के लिए नहीं गए।