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देवभूमि में मान्य नहीं रेसलिंग, भाजपा ने किया सरकार को कठघरे में खड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 27 Feb 2016 09:27 PM IST
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खली के शो के बहाने भाजपा ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। शनिवार को भाजपा मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि इस खेल के आयोजन के नाम पर जो कुछ हो रहा है, उसके लिए मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता के मुताबिक हल्द्वानी में यह कहा गया कि खली और उनके प्रतिस्पर्द्धियों ने डेथ वारंट साइन किया है। भारतीय कानून सिर्फ अदालत को यह अधिकार देता है। पश्चिम देशों का यह मनोरंजन का तरीका देवभूमि उत्तराखंड के लिए तो कतई मान्य नहीं है।
ऐसे में पहले यह देखा जाना चाहिए कि भारतीय कानून इस खेल की इजाजत भी देते हैं या नहीं। मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके सहयोगियों को यह बताना चाहिए कि इस खेल पर सरकार इतना पैसा क्यों लुटा रही है।
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मुन्ना सिंह चौहान के मुताबिक इस खेल से सिर्फ हिंसा को ही बढ़ावा मिल रहा है। खली पर लोहे ही कुर्सी से वार किया गया। यह अपराध की श्रेणी में है।
कानून में अपराध को उकसाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में मुख्यमंत्री और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। किसी की अगर ऐसे में जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?
भाजपा नहीं पचा पा रही है उत्तराखंड का पहचान
कांग्रेस ने भाजपा के इस सवाल को सिरे से खारिज किया है। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि खली के शो के आयोजन से यह भी साबित हुआ कि उत्तराखंड राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन करने में सक्षम है। उत्तराखंड की इस पहचान को भाजपा नहीं पचा पा रही है।
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प्रदेश प्रवक्ता के मुताबिक हल्द्वानी में यह कहा गया कि खली और उनके प्रतिस्पर्द्धियों ने डेथ वारंट साइन किया है। भारतीय कानून सिर्फ अदालत को यह अधिकार देता है। पश्चिम देशों का यह मनोरंजन का तरीका देवभूमि उत्तराखंड के लिए तो कतई मान्य नहीं है।
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ऐसे में पहले यह देखा जाना चाहिए कि भारतीय कानून इस खेल की इजाजत भी देते हैं या नहीं। मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके सहयोगियों को यह बताना चाहिए कि इस खेल पर सरकार इतना पैसा क्यों लुटा रही है।
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मुन्ना सिंह चौहान के मुताबिक इस खेल से सिर्फ हिंसा को ही बढ़ावा मिल रहा है। खली पर लोहे ही कुर्सी से वार किया गया। यह अपराध की श्रेणी में है।
कानून में अपराध को उकसाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में मुख्यमंत्री और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। किसी की अगर ऐसे में जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?
भाजपा नहीं पचा पा रही है उत्तराखंड का पहचान
कांग्रेस ने भाजपा के इस सवाल को सिरे से खारिज किया है। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि खली के शो के आयोजन से यह भी साबित हुआ कि उत्तराखंड राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन करने में सक्षम है। उत्तराखंड की इस पहचान को भाजपा नहीं पचा पा रही है।