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केदारनाथः अपनी बारी पर बोलो, हर हर महादेव
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 20 Sep 2013 09:39 AM IST
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श्री केदारनाथ मंदिर में नियमित पूजा कार्यों को संपन्न करवाने के लिए रोटेशन व्यवस्था के तहत श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का दूसरा दल केदारनाथ धाम पहुंच गया है।
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समिति के सहायक अभियंता अनिल ध्यानी की अगुवाई में नौ सदस्यीय दल गुरुवार को केदारनाथ धाम पहुंचा।
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दल सकुशल गुप्तकाशी वापस लौटा
समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि गुरुवार को केदारनाथ धाम में तैनात पहला दल सकुशल गुप्तकाशी वापस लौट गया है।
मंदिर परिसर का निरीक्षण
जिसके बाद दूसरे दल को केदारनाथ भेजा गया। बताया कि दल में प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, यशोधर मैठाणी, अनुसूया त्रिवेदी, अवनीस रावत, ललित, विश्वेश्वर और कैलाश शामिल हैं। समिति के आपदा नोडल अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी ने दल को मस्ता हेलीपैड से रवाना किया।
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वहीं केदारनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडीएम पीसी डंडरियाल ने केदारनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा में तैनात जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
धाम में पहुंची पुल की सामग्री
केदारनाथ धाम में एअर फोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से वैली ब्रिज की सामग्री पहुंचा दी गई है। विदित रहे कि केदारनाथ में मलबा और बोल्डरों को हटाने के लिए एमआई- 26 हेलीकॉप्टर से भारी मशीने उतारी जानी हैं।
हेलीपैड से केदारनाथ मंदिर परिसर तक मशीनों को पहुंचने के लिए मंदाकिनी-सरस्वती नदी में पुल का निर्माण किया जाना है। जिलाधिकारी दिलीप जावलकर ने बताया कि धाम में 10 प्री फेब्रिकेटेड हट्स का निर्माण हो चुका है।
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वैज्ञानिकों से लेंगे रिपोर्ट
बारिश होने पर नदियों का रुख केदारनाथ मंदिर की ओर होने को जिला प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। विदित हो कि चार दिन पूर्व भारी बारिश से मंदाकिनी, मधु और सरस्वती नदी का जल स्तर बढ़ गया था और तीनों नदियों का पानी मंदिर से 100 मीटर दूर तक पहुंच गया था।
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डीएम जावलकर ने बताया कि धाम में जीएसआई और वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजिकल स्टडीज के वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर रहे हैं। उनसे सर्वेक्षण रिपोर्ट शासन-प्रशासन के साथ साझा करने को कहा गया है। ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सके।