विश्व तंबाकू निषेध दिवस : तंबाकू खाने वालों को कोरोना संक्रमण और ब्लैक फंगस जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुमार जी कौल के अनुसार जो व्यक्ति धूम्रपान करने के साथ ही गुटखा और तंबाकू का अधिक सेवन करते हैं इसका सीधा असर एसीई-2 रिसेप्टर्स पर पड़ता है।
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अगर आप धूम्रपान करने के साथ ही गुटका, तंबाकू का भी इस्तेमाल करते हैं तो जरा संभलकर! चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार गुटका, तंबाकू के अत्यधिक सेवन से कोरोना संक्रमण और ब्लैक फंगस जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुमार जी कौल के अनुसार जो व्यक्ति धूम्रपान करने के साथ ही गुटखा और तंबाकू का अधिक सेवन करते हैं इसका सीधा असर एसीई-2 रिसेप्टर्स पर पड़ता है। यही एसीई-2 रिसेप्टर्स कोरोना को आसानी से बांधने और उन्हें शरीर में कई गुना बढ़ाने का काम करते हैं।
ऐसे में तंबाकू, गुटका का ज्यादा सेवन करने वालों के लिए कोरोना संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बताया कि जबसे कोरोना ने पांव पसारा है तब से लगातार गुटखा और तंबाकू का सेवन करने वाले लोग बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। उनकी जिंदगी बचाना चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए चुनौती साबित हुआ है।
तंबाकू से होने वाली बीमारियों से हर साल 70 लाख मौतें
विश्व स्वास्थ संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों से हर साल 70 लाख से अधिक मौतें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ ही दुनियाभर की सरकारों की ओर से इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद धूम्रपान और तंबाकू के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।
फेफड़े और मुंह के कैंसर का खतरा
कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट के अनुसार तंबाकू के सेवन से न सिर्फ फेफड़ों और मुंह के कैंसर की संभावना बढ़ जाती है, वरन हार्टअटैक का भी खतरा रहता है। यदि तंबाकू का अत्यधिक सेवन किया जाए तो आंखों से कम दिखाई देने के साथ ही पायरिया और मुंह से दुर्गंध जैसी बीमारियां हो जाती हैं।
7 अप्रैल 1988 को पहली बार मनाया गया था विश्व तंबाकू निषेध दिवस
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पहली बार 7 अप्रैल 1988 को विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्षगांठ पर मनाया गया था। अब हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को तंबाकू से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करना है।