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विश्व पृथ्वी दिवस 2020: उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र एवं हेस्को की ओर से ऑनलाइन हुआ विश्व सम्मेलन का आयोजन
Thu, 23 Apr 2020 03:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 23 Apr 2020 03:49 PM IST
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अनिल जोशी
- फोटो : फाइल फोटो
हेस्को के संस्थापक पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि इस वक्त पृथ्वी संरक्षण के लिए पूरी दुनिया को ईमानदारी से काम करना होगा। इसके साथ ही भारतीयों को अपनी संस्कृति, भोजन और नैतिक मूल्यों को समझना व अपनाना होगा। डॉ. जोशी विश्व पृथ्वी दिवस पर आयोजित ऑनलाइन विश्व सम्मेलन में व्याख्यान दे रहे थे।
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उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र एवं हेस्को की ओर से विश्व सम्मेलन को क्लाइमेट एक्शन थीम के आधार पर गो मीटिंग एप के जरिये ऑनलाइन आयोजित किया गया। यूसर्क के निदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत ने विश्व पृथ्वी दिवस के आयोजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जन्य परिस्थितियों में तकनीकी को व्यापक रूप से सामाजिक सुरक्षा एवं सुरक्षा में प्रयोग कर लाभकारी बनाया जा सकता है।
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पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि हमें पर्यावरण को ढंग से समझने के साथ-साथ पृथ्वी के संरक्षण के लिए ईमानदारी से कार्य करने की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, भोजन आदि को अपनाना चाहिए। अपनी आवश्यकता से अधिक संग्रह नहीं करना चाहिए। सकल पर्यावरण उत्पाद जैसे महत्वपूर्ण विषय पर वैज्ञानिक मंथन के साथ-साथ कारगर नीति बनाने की आवश्यकता है।
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मैती आंदोलन के पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने बताया कि मानव द्वारा पहुंचाए गए नुकसान का परिणाम है कि आज कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। हमें अपनी प्रकृति को बचाने के लिए प्रयास करना है। यदि प्रकृति बचेगी तभी हम बचेंगे। वैज्ञानिक डॉक्टर ओम प्रकाश नौटियाल ने पृथ्वी दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला।
डॉ. मंजू सुंदरियाल ने साइंस ऑफ सर्वाइवल विषय पर आपदा में सुरक्षित रहते हुए दूसरों को बचाने के बारे में बोलते हुए प्रकृति के संरक्षण की बात कही। डॉ. मधु थपलियाल ने पर्यावरण कार्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जागरूकता देने पर बल दिया। दून साइंस फॉर्म के विजय भट्ट ने पर्यावरण के हितों के अनुसार ही विकास कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट एवं पंचायती राज के निदेशक डॉ. आर पंत ने विकास को पर्यावरण के अनुसार करने का आह्वान किया।
विज्ञान और अध्यात्म के साथ से बचेगी पृथ्वी
कार्यक्रम में न्यूयार्क विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डीन डॉ. आशीष जोशी ने न्यूयार्क से जोड़ते हुए पृथ्वी दिवस पर कोरोना वायरस हमारी प्रकृति विषय पर बोलते हुए कहा कि हमें पृथ्वी के संरक्षण के लिए समग्र रूप से कार्य करना होगा। तभी कोरोना व अन्य आपदाओं से बचा जा सकता है। सभी को विज्ञान व अध्यात्म को साथ लेकर चलना होगा और अपनी मेंटल हेल्थ पर विशेष ध्यान देना होगा।