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विश्व साइकिल डे 2021 : पर्यावरण और ईंधन बचाए, बीमारियां दूर भगाए, कोरोनाकाल में साइकिलिंग का बढ़ा क्रेज

निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 03 Jun 2021 12:26 PM IST

सार

उत्तराखंड में अभी भी आठ जून तक कोविड कर्फ्यू है। जिम बंद हैं और सार्वजनिक जगहों पर कोरोना संक्रमण का खतरा बना है। लोग घरों में व्यायाम करने से लेकर सुबह-शाम साइकिल चलाकर इम्युनिटी बढ़ा रहे हैं।
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साइकिल बदलने वक्त के साथ लोगों की जरूरत बन गई
साइकिल बदलने वक्त के साथ लोगों की जरूरत बन गई - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार

कभी गरीबों की सवारी मानी जाने वाली साइकिल बदलने वक्त के साथ लोगों की जरूरत बन गई है। साइकिल चलाने से पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत होने के साथ कई बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
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आधे घंटे प्रतिदिन की साइकिलिंग करने से सेल्स एक्टिव होते हैं और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। कोरोनाकाल में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हर उम्र और वर्ग के लोगों का साइकिल के प्रति रुझान बढ़ा है। इसका असर साइकिल बाजार पर भी पड़ा है। आठ हजार से 65 हजार रुपये कीमत की साइकिलों की मांग बढ़ी है।

कोरोनाकाल ने खानपान के साथ रहन-सहन भी बदल दिया है। उत्तराखंड में अभी भी आठ जून तक कोविड कर्फ्यू है। जिम बंद हैं और सार्वजनिक जगहों पर कोरोना संक्रमण का खतरा बना है। लोग घरों में व्यायाम करने से लेकर सुबह-शाम साइकिल चलाकर इम्युनिटी बढ़ा रहे हैं। साइकिल कई लोगों के जीवन का हिस्सा बन गई है।

कोविड कर्फ्यू में ढील मिलने पर बाजार से दूध और फल-सब्जी लेने के लिए साइकिल की सवारी अपना रहे हैं। इससे ईंधन की बचत हो रही है। आईएमए की पूर्व अध्यक्ष डॉ. संध्या शर्मा बताती हैं, साइकिल चलाने से कैलोरी बर्न होने से एक्स्ट्रा फैट कम होता है। जोड़ों के दर्द, पाचन से लेकर इम्युन सिस्टम ठीक होता है।

चौथी पीढ़ी साइकिल के व्यवसाय से जुड़ी है। देश के विभाजन से पहले पाकिस्तान में दुकान थी। 1968 में हरिद्वार में उनके दादा ने पहला स्टोर खोला। वक्त के साथ साइकिल का क्रेज भी बदलते रहा। आज मल्टीनेशनल कई ब्रांडों की साइकिल बेचते हैं। 65 हजार रुपये कीमत तक की साइकिल बिक रही हैं। 10 हजार रुपये से अधिक कीमत की साइकिलों को अधिकतर लोग फिटनेस के लिए खरीद रहे हैं। 
- जतिन चुघ, साइकिल स्टोर स्वामी ज्वालापुर

मल्टी स्पीड 21 गियर वाली साइकिल की सबसे अधिक मांग है। लोग फिटनेस के लिए इनको खरीद रहे हैं। कोरोनाकाल में साइकिल की मांग बढ़ी हैं, लेकिन बाजार बंद हैं। पिछले साल साइकिल बाजार में काफी बूूूम आया था। उसकी तुलना में इस बार मांग 50 फीसदी ही है। कोरोनाकाल से पहले की तुलना में अच्छी है। ऑनलाइन बिक्री होने से 25 फीसदी कारोबार पर असर पड़ा है।
- संजय अरोड़ा, साइकिल स्टोर संचालक, जमुना पैलेस 

रोजाना आधे घंटे साइकिल चलाने के फायदे
- साइकिलिंग बेहतर एक्सरसाइज है। शरीर के सभी अंग एक्टिव होते हैं।
- ईंधन की बचत होने से यातायात का सुलभ साधन है। 
- प्रदूषण रहित होने से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता।
- आधा घंटा रोजाना साइकिलिंग से मोटापा कम होता है। 
- इम्युन सिस्टम अच्छा रहता है और बीमारी का खतरा कम हो जाता है।

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