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दुनिया में सबसे अच्छा है इस गाय का दूध, फायदे जानकर होंगे हैरान
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Jul 2017 03:45 PM IST
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दुनिया में सबसे अच्छा दूध देने वाली गाय हिंदुस्तान में पाई जाती है। इस गाय के दूध के फायदे जानकर आप हैरान हो जांएगे।
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यूकॉस्ट (उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) व आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए रिसर्च में यह बात सामने आई है। भारत में पाई जाने वाली बद्री गाय के दूध पर किए गए शोध से यह तथ्य सामने आए हैं।
एक हिंदी न्यूज वेबसाइट के अनुसान वेल्यू एडिशन टू दि हिल-केटल ऑफ उत्तराखंड यूसिंग बॉयोटेक्नोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन प्रोजेक्ट के तहत किए गए इस शोध में पता चला कि पहाड़ी गाय के दूध में 90 फीसद ए-2 जीनोटाइप बीटा केसीन पाया जाता है, जो डायबिटीज और हृदय रोगों को रोकने में कारगर है साथ मनुष्य के लिए हर दृष्टि से लाभदायी है।
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जबकि, विश्वभर में हुए शोधों के मुताबिक जर्सी, होल्सटिन समेत अन्य नस्ल की गायों के दूध में पाया जाने वाला ए-1 बीटी केसीन जीनोटाइप डायबिटीज, हृदय रोग व अन्य मानसिक रोगों का कारक है।
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इसलिए खास है उत्तराखंड की बद्री गाय
uttarakhand badri cow in NBAGR list
बद्री गाय उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाई जाती हैं। पहाड़ी नस्ल की इस गाय को जून 2016 में एनबीएजीआर (नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक्स एंड रिसर्च) ने नामांकन प्रमाण पत्र जारी किया। वैज्ञानिकों के मुताबिक बद्री गाय एक वक्त में एक से तीन किलो तक दूध देती है। इसका दूध गाढ़ा व पीला होता है।
पहाड़ी गाय का मुख्य आहार हरी एवं सूखी घास है। जबकि, जर्सी, होल्सटिन समेत अन्य नस्ल की गाय दाना, खल आदि पर निर्भर हैं। हालांकि, दूध का मूल्य सभी गायों का एक समान है।
यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लिए गए दूध के नमूनों का परीक्षण करने पर इसमें 90 फीसद ए-2 जीनोटाइप बीटा केसीन पाया गया। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद लाभकारी है। विश्व में यूरोपीय देशों के अलावा अमेरिका, ब्राजील व आस्ट्रेलिया में ए-1 जीनोटाइप की समस्या आम है।
पहाड़ी गाय का मुख्य आहार हरी एवं सूखी घास है। जबकि, जर्सी, होल्सटिन समेत अन्य नस्ल की गाय दाना, खल आदि पर निर्भर हैं। हालांकि, दूध का मूल्य सभी गायों का एक समान है।
यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लिए गए दूध के नमूनों का परीक्षण करने पर इसमें 90 फीसद ए-2 जीनोटाइप बीटा केसीन पाया गया। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद लाभकारी है। विश्व में यूरोपीय देशों के अलावा अमेरिका, ब्राजील व आस्ट्रेलिया में ए-1 जीनोटाइप की समस्या आम है।