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Dehradun News: धरातल पर काम अधूरा, ठेकेदार को कर दिया भुगतान पूरा
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जल संस्थान और ठेकेदार किस तरह मिलीभगत कर नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। इसका उदाहरण जल संस्थान के पित्थूवाला जोन में देखने को मिला है। यहां जल संस्थान के अधिकारियों ने मिट्ठी बेरी पेयजल योजना पूरी होने से पहले ही न केवल ठेकेदार को कार्य पूर्ण होने का प्रमाणपत्र दे दिया। बल्कि, लाखों का भुगतान भी कर दिया। इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है।
दरअसल, 2020-21 में मिट्ठी बेरी प्रेमनगर पेयजल योजना के लिए 92 लाख 41 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे और विभाग ने यहां पेयजल लाइन सहित अन्य काम शुरू कर दिए थे। तीन साल में भी योजना का कार्य पूरा नहीं हुआ है। अभी भी करीब 200 मीटर पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। साथ ही योजना के तहत 20 से 25 परिवारों काे कनेक्शन देने का काम भी अभी तक पेंडिग पड़ा हुआ है।
हैरत की बात यह है कि इसके बावजूद जल संस्थान पित्थूवाला जोन के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने ठेकेदार को एक जून को कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र जारी कर भुगतान भी कर दिया। इससे जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं।
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आरकेडिया की पूर्व प्रधान गीता बिष्ट ने इस संबंध में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। इसके बाद ही इस मामले का खुलासा हुआ। उन्होंने इस संबंध में शासन से जांच की मांग की है।
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मिट्ठी बेरी पेयजल योजना में बिना कार्य पूर्ण किए ठेकेदार को भुगतान करने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। कुछ दिन पहले ही पित्थूवाला जोन में कार्यभार संभाला है। अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतीश चंद्र नौटियाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान, पित्थूवाला जोन
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दरअसल, 2020-21 में मिट्ठी बेरी प्रेमनगर पेयजल योजना के लिए 92 लाख 41 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे और विभाग ने यहां पेयजल लाइन सहित अन्य काम शुरू कर दिए थे। तीन साल में भी योजना का कार्य पूरा नहीं हुआ है। अभी भी करीब 200 मीटर पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। साथ ही योजना के तहत 20 से 25 परिवारों काे कनेक्शन देने का काम भी अभी तक पेंडिग पड़ा हुआ है।
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हैरत की बात यह है कि इसके बावजूद जल संस्थान पित्थूवाला जोन के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने ठेकेदार को एक जून को कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र जारी कर भुगतान भी कर दिया। इससे जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं।
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आरकेडिया की पूर्व प्रधान गीता बिष्ट ने इस संबंध में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। इसके बाद ही इस मामले का खुलासा हुआ। उन्होंने इस संबंध में शासन से जांच की मांग की है।
मिट्ठी बेरी पेयजल योजना में बिना कार्य पूर्ण किए ठेकेदार को भुगतान करने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। कुछ दिन पहले ही पित्थूवाला जोन में कार्यभार संभाला है। अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतीश चंद्र नौटियाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान, पित्थूवाला जोन