फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   women self help group give debt.

इस गांव की महिलाओं के हाथ लगा 'खजाना'

Mon, 09 Mar 2015 04:15 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो / अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Mon, 09 Mar 2015 04:15 PM IST
विज्ञापन
women self help group give debt.

उत्तराखंड के उत्तराकाशी की महिलाओं के हाथ खजाना लगा है। यह खजाना इन महिलाओं ने अपनी मेहनत से खड़ा किया है।

विज्ञापन


गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ से जुड़ी महिलाओं ने यह कारनामा किया है। चार साल पहले शुरू की मुहिम में गांव की महिलाओं ने प्रतिमाह 20 से 100 रुपए तक की बचत कर दो करोड़ रुपए से अधिक का कोष खड़ा किया है। अब इसी कोष से ऋण लेकर वे अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं।

श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की पहल पर मई 2011 में भटवाड़ी एवं डुंडा ब्लाक के 140 गांवों में 295 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए। इनसे अब तक 4200 महिलाएं जुड़ चुकी हैं। ये महिलाएं हर माह अपनी सामर्थ्य के अनुसार 20 से 100 रुपए तक जमा करती हैं और आज यह रकम एकत्र होकर दो करोड़ से अधिक हो गई है।
विज्ञापन


इस बचत का समूह की महिलाएं अपने आजीविका में सुधार के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। कोष से महिलाएं अल्प ब्याज दर पर ऋण लेकर पशुपालन, कृषि, बागवानी आदि आय सृजक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


समूह से जुड़ी पचास फीसदी महिलाओं को 1.62 करोड़ के ऋण बांटे जा चुके हैं, जबकि करीब सत्तर लाख रुपए अभी खजाने में जमा है। ग्रामीण महिलाओं की माईक्रो फाइनेंस की यह मुहिम अब गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ का रूप ले चुकी है।

बचत से सुदृढ़ हुई आजीविका

women self help group give debt.

समूह से जुड़ी सैणी नाकुरी की अहिल्या एवं सुनीता, उत्तरों की सत्यभामा, सुनीता, चीवां की राधिका, डिडसारी की सरस्वती, लौंथरू की पूर्णा देवी आदि महिलाएं समूह के बचत कोष से ऋण लेकर दुधारू पशु पाल रही हैं।

नेताला की पूनम बकरी पालन कर रही हैं, तो सिमोल्डी की जसदेई ने चारा प्रजाति एवं सब्जी पौध की नर्सरी तैयार की। नाकुरी की ऊषा ने तीन बार 10-10 हजार का लोन लेकर गांव में ही पति के लिए परचून की दुकान खोली। अब इस दुकान से ही उनके परिवार की आजीविका चल रही है।

बचत की इस मुहिम का महत्व अब ग्रामीणों को समझ आने लगा है। जल्द ही उत्तरकाशी में एक डेयरी और सामुदायिक सुविधा केंद्र की स्थापना की जाएगी।
- विजन देई राणा, अध्यक्ष गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ

संस्था की ओर से चार साल पहले शुरू की गई यह मुहिम अब रंग लाने लगी है। भविष्य में एसबीएमए और हिमोत्थान की ओर से संचालित आजीविका संबंधी योजनाएं सहकारिता संघ के माध्यम से ही धरातल पर उतारी जाएगी।
- गोपाल थपलियाल, परियोजना प्रबंधक एसबीएमए उत्तरकाशी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed