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नशे की सौदागर महिला को 14 साल के कठोर कारावास की सजा, पहले भी जा चुकी जेल 

Wed, 07 Aug 2019 08:39 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 07 Aug 2019 08:39 AM IST
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Women Got 14 years strict imprisonment in smack smuggling in dehradun
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

नशे की सौदागर गुड्डी को 10 साल बाद एनडीपीएस स्पेशल जज सुबीर कुमार की अदालत ने 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गुड्डी के पास से बड़ी मात्रा में स्मैक पाउडर बरामद हुआ था। अदालत ने उस पर कुल एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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मुकदमा पटेलनगर कोतवाली का है। सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज शर्मा ने बताया कि 27 अगस्त 2009 को तत्कालीन पटेलनगर प्रभारी निरीक्षक अपने अधीनस्थों के साथ संदिग्धों की चेकिंग पर निकले थे। उन्होंने सुबह 10 बजे एक संदिग्ध महिला को शिमला बाईपास पर देखा गया।
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पुलिस कर्मचारी उसकी तरफ गए तो वह भागने का प्रयास करने लगी। इस पर महिला सब इंस्पेक्टर बीना श्रीवास्तव ने महिला को पकड़ा और पूछताछ की। पता चला कि यह क्षेत्र में नशा बेचती है और पहले भी जेल जा चुकी है। महिला का नाम अनीता उर्फ गुड्डी निवासी माजरा है। 

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तलाशी लेने पर उसके पास से पुलिस ने 200 ग्राम स्मैक और 173 पुड़ियां बरामद की। इन पुड़ियों में भी स्मैक पाउडर भरा हुआ था। पुलिस ने तत्काल मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद गुड्डी को गिरफ्तार कर लिया। शासकीय अधिवक्ता मनोज शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मुकदमे में नियत समय  पर चार्जशीट दाखिल कर दी।

करीब 10 सालों तक मुकदमे का ट्रायल चला। इस दौरान नौ गवाह अभियोजन की ओर से अदालत में पेश किए गए। इस पर सोमवार को न्यायालय ने गुड्डी को नशा तस्करी का दोषी करार देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत 14 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 

नशा तस्करी में कुख्यात थी गुड्डी 
करीब दस साल पहले गुड्डी और उसके कई साथी नशे के बड़े सौदागर थे। 2006 से 2009 तक गुड्डी के गिरोह के कई सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस बीच गुड्डी को भी गिरफ्तार किया गया, लेकिन मजबूत साक्ष्य न होने के कारण गुड्डी जेल से बाहर आ गई। इसके बाद 10 साल पहले उसे बड़ी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। 

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