जहर को समझ बैठी खांसी की दवा, मिली मौत
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देहरादून की कालसी तहसील के खाडी गांव में बुजुर्ग महिला ने गलती से खांसी की दवा की जगह कॉकरोच मारने की दवा (कीटनाशक) पी ली। गंभीर हालत में परिजन उसे हरबर्टपुर के लेहमन अस्पताल ले गए। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
शुक्रवार को कुवाउगी में यमुना के तट पर महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। महिला की मौत से माघ पर्व की खुशियां मातम में बदल गई हैं। महिला का भरापूरा परिवार है।
पढ़ी-लिखी होती तो..
जानकारी के अनुसार, पूरण देई (60) पत्नी अर्जुन सिंह तोमर को बृहस्पतिवार शाम को खांसी की शिकायत हुई। उनकी आलमारी में दो शीशियां रखी थीं। एक में दवा, दूसरी में कीटनाशक रखा था। पढ़ी-लिखी न होने के कारण महिला ने गलती से कीटनाशक पी लिया। कुछ देर बाद उसे बेचैनी होनी लगी।
दो घंटे तक तड़पती रही
परिवार वालों ने जब आलमारी देखी तो पता चला कि महिला ने दवा की जगह कीटनाशक पी लिया है। परिवार वालों ने महिला को मट्ठा पिलाया ताकि उसे उल्टी हो जाए, लेकिन हालत में सुधार न होने पर परिजन आनन-फानन में उसे लेहमन अस्पताल ले गए। जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
60 किमी दूर है अस्पताल
पूरण देई बच सकती थीं, यदि उसे समय रहते इलाज मिल जाता। क्षेत्र में कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न होने के कारण परिजन मजबूरी में 60 किमी दूर लेहमन अस्पताल ले गए। जहां पहुंचने में करीब दो घंटे लगे। तब तक महिला के पूरे शरीर में जहर असर कर चुका था। काफी प्रयासों के बाद भी उसे नहीं बचाया जा सका।
बरतें सावधानी
कीटनाशक को कभी भी ऐसी जगह पर न रखें, जहां बच्चे आसानी से पहुंच सके। कीटनाशक और दवाओं को भी अलग-अलग रखना चाहिए। दोनों में पहचान के लिए निशान भी बनाया जा सकता है, ताकि कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी दवा और कीटनाशक के अंतर को जान सके।