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महिला फुटबालर की मौत बनी अबूझ पहेली
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Wed, 08 Oct 2014 07:04 PM IST
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उत्तराखंड की उदीयमान खिलाड़ी मोनिका चौधरी की मौत का राज उसकी चिता के साथ ही पहेली बनकर रह गया है। परिजनों द्वारा उसका पंचनामा और पोस्टमार्टम न करवाए जाने से उसकी मौत अनसुलझी पहेली रह गई है।
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मामले में पुलिस ने भी लाचारी जता दी है। अधिकारियों के मुताबिक पंचनामा भरा जाता और पोस्टमार्टम करवाया जाता तो मौत की वजह सामने आती। साथी खिलाड़ी और प्रशिक्षकों को उसके आत्मघाती कदम उठाने की घटना पर यकीन ही नहीं हो रहा है।
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शोक की लहर
फुटबाल, बॉक्सिंग और हॉकी के खिलाड़ी मोनिका की मौत की खबर लगते ही क्षेत्र के खेल प्रेमियों में शोक की लहर छा गई। राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम के प्रभारी उपक्रीड़ा अधिकारी आरएस रावत की अगुवाई में स्टेडियम से जुडे़ करीब 250 खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
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होगी जांच
मोनिका के साथी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का कहना है कि वह एक होनहार, जुझारू और बोल्ड युवती थी। किसी को भी उसके खुदकुशी करने की घटना पर यकीन नहीं हो रहा है।
उधर, कोतवाल प्रमोद शाह का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को बहुत देर से मिली। संभवत: परिजन पंचनामा या फिर पोस्टमार्टम नहीं चाहते थे। फिर भी मामले की संदिग्धता को देखते हुए जांच करवाई जाएगी।