रुड़की: डिलीवरी के बाद बिगड़ी जच्चा-बच्चा की तबीयत, अस्पताल ले जाते वक्त दोनों की मौत
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प्रसव के कुछ ही देर बाद तबीयत बिगड़ने से नवजात शिशु की मौत हो गई। नवजात का अंतिम संस्कार कर परिजन अभी अस्पताल पहुंचे ही थे कि प्रसूता की भी हालत बिगड़ने लगी। देर रात हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा, लेकिन हरिद्वार स्थित दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ देर बाद प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया।
घटना से नाराज महिला के परिजनों ने शव को अस्पताल में रखकर अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। वहीं, एसडीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया।
लक्सर कोतवाली क्षेत्र के दाबकी कलां निवासी मुकेश पत्नी जसवीर कश्यप गर्भवती थीं। बीते 25 दिसंबर को मुकेश को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार को मुकेश ने बेटे को जन्म दिया। बताया जाता है कि कुछ देर बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई और उसके मुंह से खून आना शुरू हो गया।
डॉक्टरों ने बच्चे को हरिद्वार किसी अस्पताल में दिखाने के लिए कहा। परिजन उसे लेकर हरिद्वार रवाना हुए, लेकिन नवजात ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद रात में वे अस्पताल में पहुंचे तो डॉक्टरों ने मुकेश की तबीयत ठीक बताई और उसे अस्पताल में भर्ती रखने की बात कही।
डॉक्टर को हिरासत में लिया
बताया जा रहा है कि शुक्रवार तड़के डॉक्टरों ने मुकेश देवी का ब्लॅड प्रेशर लगातार कम होने की बात कहकर किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा। परिजन उन्हें लेकर हरिद्वार गए और एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उपचार के दौरान मुकेश ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा बच्चा की मौत से गुस्साए परिजनों ने लक्सर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
सूचना पर एसडीएम पूरण सिंह राणा, सीओ अविनाश वर्मा, कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और महिला के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी बीच एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल सील करने के निर्देश दिए। साथ ही वहां भर्ती मरीजों को सीएचसी में शिफ्ट करवाया गया।
जच्चा बच्चा की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने डॉक्टर को उन्हें सौंपे जाने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का गुस्सा देखते हुए पुलिस ने डॉक्टर को पुलिस कस्टडी में ले लिया। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि डॉक्टर को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।