फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   without doctors patients are helpless

चिकित्सकों की कमी मरीजों पर भारी, उठा रहे फजीहत

Thu, 17 Aug 2017 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Thu, 17 Aug 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
without doctors patients are helpless
hospital

शहर और आसपास के क्षेत्रों का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद यहां लंबे समय से चिकित्सकों का टोटा बना हुआ है, जिससे आए दिन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में फिजिशियन वर्षों से नहीं हैं। इसके अलावा ईएनटी और एनस्थेटिस्ट नहीं होने से भी मरीजों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। उपचार तो दूर मरीजों को मेडिकल बनवाने के भी लाले पड़ रहे हैं।  

विज्ञापन


सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के 31 पद स्वीकृत हैं, जबकि फिलहाल सिर्फ आठ चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें से दो चिकित्सक बृहस्पतिवार को अवकाश पर थे। महिला चिकित्सक डा. निशा और डा. नीतिश कुमार के अवकाश पर होने से मरीजों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


इससे पहले अस्पताल में एनस्थेटिस्ट के नहीं होने से आपरेशन ठप पड़े हैं, जिससे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं ईएनटी चिकित्सक का एक माह पहले यहां से स्थानांतरण कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह पर कोई चिकित्सक नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं फिजिशियन नहीं होने से अधिकांश मरीजों को बाहर ही रेफर करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि ईएनटी और फिजिशियन नहीं होने से अस्पताल में मेडिकल भी नहीं बन पा रहे हैं, जिससे आए दिन लोगों को परेशानी हो रही है। गिने चुने चिकित्सक होने से ओपीडी में आए दिन मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।


इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस डा. एके मिश्रा का कहना है कि चिकित्सकों की कमी के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed