फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   winter fog in uttarakhand.

उत्तराखंड में हाड़ कंपा देने वाली ठंड, लुढ़का पारा

Sat, 27 Dec 2014 01:09 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 27 Dec 2014 01:09 PM IST
विज्ञापन
winter fog in uttarakhand.

शनिवार की तड़के भी राजधानी देहरादून घने कोहरे से ढकी रही। कोहरे के कारण लोगों को वाहन चलाने में मुश्किलों को सामना करना पड़ा।

विज्ञापन


दिन भर गुनगुनी धूप के बाद शुक्रवार शाम गहरे कोहरे ने फिर शहर को ढक लिया। कोहरे के कारण रात को सड़कों पर दृश्यता काफी कम होने से लोगों का वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया। इससे पूर्व दिन का अधिकतम तापमान गुरुवार से दो डिग्री लुढ़क गया।

जबकि न्यूनतम पारे में फर्क नहीं पड़ा। पहाड़ों में कई जगह रात को आसमान में बादल छा सकते हैं। शुक्रवार को दिन भर की गुनगुनाती धूप के बाद सर्द रात ने लोगों के हाड़ कंपा दिए। उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में पाला जबकि मैदानी क्षेत्रों में कोहरे ने लोगों को परेशान किया हुआ है।
विज्ञापन


कोहरे के कारण उत्तराखंड परिवहन की बसें कई घंटे देरी से गंतव्य तक पहुंच पा रही है। शुक्रवार का अधिकतम तापमान 18 डिग्र्री रहा जबकि न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहा। उधर, कोहरे की सबसे ज्यादा मार ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और रुड़की पर पड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोहरे ने किया करंट डाउन

winter fog in uttarakhand.

उत्तराखंड में जबर्दस्त कोहरे की मार बिजली व्यवस्था पर भी पड़ रही है। शुक्रवार को उत्तराखंड को छत्तीसगढ़ से मिलने वाली बिजली भी पूरी नहीं मिल पाई। दरअसल कोहरे की वजह से वहां से आ रहे बिजली के तारों पर भार बढ़ गया।

इसके चलते प्रदेश में सुबह साढ़े आठ से दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई। ऊर्जा निगम ने शुक्रवार देर शाम तक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन घंटे कटौती की।

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के छोटे शहरों में एक घंटे, नान कंटीनियस सिडकुल पंतनगर, हरिद्वार में ढाई घंटे की कटौती हुई। नान कटीनियस इंडस्ट्री ऊधमसिंह नगर के अलावा काशीपुर, रुड़की शहर में डेढ़ घंटे कटौती करनी पड़ी।

ढकरानी में बिजली लाइन पर भार बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में स्थित नान कंटीनियस इंडस्ट्री में तीन घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई। ऊर्जा निगम प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि कोहरे से छत्तीसगढ़ की बिजली लाइन के इंसुलेटर में कार्बन बढ़ रहा है। इस कारण बिजली लाइन ओवरलोड हो रही हैं।

बेहद ठंड पर वन्य जीव बदल देते अपने ठिकाने

winter fog in uttarakhand.

हाड़ कंपा देने वाली ठंड सिर्फ इंसान ही नहीं, वन्य जीवों की जीवन शैली पर काफी असर डालती है। ठंड से जूझने के लिए कुछ वन्य जीव अपने ठिकाने बदल देते हैं तो भालू आदि कुंभकरणीय नींद लेना पसंद करते हैं। हालांकि ठंड से किसी वन्य जीव की मौत का मामला अब तक सामने नहीं आया है।

प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव उत्तराखंड अनिल कुमार दत्त के मुताबिक गुलदार इस मौसम में प्राकृतिक गुफाओं में चले जाते हैं या नीचे आबादी वाले इलाकों की ओर पलायन करते हैं। वनों में रहने वाले भालू की कहानी भिन्न है। दत्त के मुताबिक बर्फबारी के बाद पारा काफी नीचे गिर जाने पर भालू पलायन के बजाय गहरी नींद लेना पसंद करते हैं।

सर्दियों में उसके सोने की अवधि 3-4 माह की होती है। सर्दी से बचने के लिए वो गर्मियों में सामान्य से कहीं अधिक खा कर चर्बी मोटी कर लेता है। यही ठंड में उसे जरूरी गरमाहट देता है। शरीर पर घने बाल भी सर्दी से बचाते हैं।

इसी तरह गुलदार ऊंचाई वाले इलाकों से मानव आबादी वाले इलाकों के करीब पहुंच जाते हैं। प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि बेहद कम मौकों पर किसी वन्य प्राणी की ठंड से मौत का मामला सामने आया है। अगर किसी जीव के मरने की सूचना मिलती है तो उसकी वजह जांची जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed