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Dehradun News: अंग्रेजों के जमाने से लागू कानून से मिल जाएगी निजात

Sun, 21 May 2023 01:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 21 May 2023 01:36 AM IST
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Will get rid of the law applicable from the British era
कैंट के सिविल क्षेत्रों के नगर निगम और निकायों में शामिल होने के बाद लोगों को अंग्रेजों के जमाने से चल रहे कानून से निजात मिल जाएगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लोगोंं को मिल पाएगा।
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दरअसल, कैंट के सिविल क्षेत्रों को नगर निगम और निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत शासन की ओर से सभी छावनी परिषदों से जन संख्या, क्षेत्रफल आदि की जानकारी मांगी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही सिविल क्षेत्रों पर निर्णय हो सकता है। बतादें कि इन छावनियों का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में हुआ था। यहां उस समय अंग्रेजों ने अपने हिसाब से कानून बनाए थे। छावनियों के आसपास जो क्षेत्र थे, उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया।
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यहां लोग अपनी जमीन पर भी किसी प्रकार का निर्माण नहीं कर सकते, न ही जमीन को बेच सकते हैं। इसका दंश लोग वर्षों से झेल रहे हैं। इसके अलावा छावनी क्षेत्र के रक्षा मंत्रालय के अधीन होने के कारण यहां के लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता है।
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कैंट क्षेत्रों में लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल पाता। यहां विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। इसलिए कैंट के सिविल क्षेत्रों को नगर निगम और निकायों में शामिल होने की मांग लंबे समय से उठ रही है।
- राजेश रावत, कैंट क्षेत्र निवासी
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सबसे ज्यादा दिक्कत प्रतिबंधित क्षेत्र के लोगों को झेलनी पड़ती है। मालिकाना हक के बाद भी लोग अपनी जमीन पर न तो निर्माण कर सकते हैं और न ही इसे बेच सकते हैं। इन क्षेत्रों में कई बैरियर भी लगा दिए गए हैं। इससे लोगों को आने-जाने में भी परेशानी होती है।
- महेश पांडे, कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन निवासी
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कैंट क्षेत्र में लोगों को न तो बीपीएल योजना का लाभ मिल पाता और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का। इसके लिए कई बार आवाज भी उठाई जा चुकी है। सिविल क्षेत्रों के निकाय में शामिल होने से सभी योजनाओं का लाभ लोगों को मिल पाएगा।

- विनोद पंवार, नामित सदस्य कैंट बोर्ड देहरादून
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दून के चारों कैंट बोर्डों के सीईओ को सिविल एरिया, जो नगर निगम और निकाय में शामिल होने हैं, उनका पूरा विवरण शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इन्हें निगम और निकाय क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- रामजीशरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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