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50 देशों को गाइड करेगा डब्ल्यूआईआई
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Aug 2014 10:24 AM IST
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अपने स्थापना के 30 वर्ष पूरे करने जा रहा भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) विश्व स्तर पर और मजबूत पहचान बनाने जा रहा है।
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शुभारंभ प्रकाश जावड़ेकर करेंगे
संस्थान में यूनेस्को की अनुमति के बाद विश्व प्राकृतिक धरोहर केंद्र की स्थापना होने जा रही है। इसका शुभारंभ शनिवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे। इसके साथ ही डब्ल्यूआईआई संग दुनिया के 50 देश जुड़ जाएंगे, जिन्हें संस्थान प्राकृतिक धरोहरों के चिन्हीकरण से लेकर प्रपोजल बनाने की ट्रेनिंग देगा।
शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित होटल में डब्ल्यूआईआई डायरेक्टर डा. वीबी माथुर ने बताया कि यूनेस्को ने इस वक्त दुनिया में 1007 साइट्स को विश्व धरोहर का दर्जा दे रखा है। इसमें 197 प्राकृतिक और 779 सांस्कृतिक धरोहर हैं।
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31 मिक्स (प्राकृतिक और सांस्कृतिक) साइट्स हैं। भारत में 32 साइट्स हैं, जिनमें सात प्राकृतिक और 25 सांस्कृतिक हैं।
सांस्कृतिक साइट्स का जिम्मा भारत में आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया संभालता है, जबकि प्राकृतिक धरोहरों की जिम्मेदारी डब्ल्यूआईआई। यूनेस्को ने इस वक्त दुनियाभर में आठ सांस्कृतिक धरोहरों के केंद्र बनाए हैं। मगर पहला प्राकृतिक विश्व धरोहर केंद्र सिर्फ भारत में होगा।
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इस तरह होगी शुरुआत
इसके तहत अब एशिया-पैसिफिक के ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश, चीन, जापान, पाकिस्तान, मलेशिया जैसे देश भी डब्ल्यूआईआई के अधिकार क्षेत्र में आएंगे। केंद्र इन्हें प्राकृतिक धरोहरों की पहचान, उनका प्रपोजल (डोजियर) बनाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। डा. माथुर ने बताया कि केंद्र सरकार ने 16 करोड़ रुपये मुहैया कराए हैं। शिलान्यास के साथ उपलब्ध संसाधनों के जरिए केंद्र काम शुरू कर देगा।
रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
अभी तक डब्ल्यूआईआई में दुनिया के सिर्फ 15 मित्र राष्ट्रों के वैज्ञानिक, छात्र आकर शोध के साथ धरोहरों को बचाने का प्रशिक्षण लेते थे। अब 50 देशों के वैज्ञानिक, अधिकारी और छात्र प्रशिक्षण और शोध कर सकते हैं।
प्राकृतिक धरोहर में हिमाचल की एंट्री
विश्व प्राकृतिक धरोहर की सूची में इस बार हिमाचल प्रदेश के द ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को शामिल किया गया है। डब्ल्यूआईआई ने यूनेस्को को दी रिपोर्ट में बताया था कि पार्क में वन्य जीवों की ऐसी प्रजातियां मौजूद हैं, जो दुनिया में कहीं नहीं हैं। इस आधार पर पार्क को विश्व प्राकृतिक धरोहर दर्जा दिया गया है।
भारत में अब सात प्राकृतिक धरोहर
भारत में अब विश्व प्राकृतिक धरोहर कुल सात हैं। इनमें असम के काजीरंगा और मानस, बंगाल के सुंदरबन, केरल के वेस्टर्न घाट, राजस्थान के केवलादेव, उत्तराखंड के नंदा देवी और वैली ऑफ फ्लॉवर्स, हिमाचल का ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क शामिल हैं। स्टडी में पता चला है कि मानस का रुतबा खतरे में है।